धर्म कर्म: जानिए क्यों किया जाता है हवन, क्या है इसके फायदे
गायत्री परिवार के दीनानाथ सिंह ने बताया कि हवन का धार्मिक महत्व होने के साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी है। हवन से निकलने वाला धुआं वायुमंडल को शुद्ध करता है। हवन में डाली जाने वाली सभी सामग्री सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होती हैं।
हवन में गाय के गोबर से बने गोइठा (कंडा) का भी उपयोग किया जाता है। इससे करीब 94 प्रतिशत हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही हवन करने से कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है।
इनसे होती है हवन
हवन के लिए आम की लकड़ी, बेल, नीम, पलाश का पौधा, कलीगंज, देवदार की जड़, गूलर की छाल और पत्ती, पीपल की छाल और तना, बेर, आम की पत्ती और तना, चंदन की लकड़ी, तिल, जामुन की कोमल पत्ती, अश्वगंधा की जड़, तमाल यानि कपूर, लौंग, चावल, ब्राम्ही, मुलैठी की जड़, बहेड़ा का फल और हर्रे तथा घी, शकर जौ, तिल, गुगल, लोभान, इलायची एवं अन्य वनस्पतियों का बूरा उपयोगी होता है।
हवन के साथ कोई मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ध्वनि तरंगित होती है, शरीर में ऊर्जा का संचार होता है, अत: कोई भी मंत्र सुविधानुसार बोला जा सकता है।