आयकर विभाग की टीम ने पूरी तैयारी के साथ छापे की कार्रवाई की। टीम पहले हनी ज्वेलर्स के प्रोपराइटर सुमित कुमार उर्फ चंदू के नवनिर्मित आवास पर पहुंची और खुद का परिचय बतौर मेहमान दिया। जैसे ही मैनेजर ने घर का दरवाजा खोला, बाहर खड़ी पूरी टीम घर में प्रवेश कर गई। इसके बाद टीम के सदस्यों ने अपना असली परिचय दिया और घर के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए। फिर टीम सभी को लेकर सीधे हिंदी बाजार स्थित हनी ज्वेलर्स पहुंची।
Gorakhpur News: मेहमान बनकर पहुंची आयकर की टीम...घर में प्रवेश करते ही मोबाइल लिए कब्जे में
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हिंदी बाजार के फर्म के सभी कैमरों का संचालन इसी मकान के कंट्रोल रूम से होता है। हिंदी बाजार में भी फर्म की तरफ से एक मकान खरीदा गया है। आयकर विभाग के पास इसकी सटीक जानकारी थी। आयकर विभाग की टीम छह गाड़ियाें से आई थी। एक टीम गोली गली और दूसरी टीम हरबंश राम कटरा होकर पहुंची थी। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो फर्म पर बुलियन के जरिए अवैध सोने के धंधे का भी शक है।
वैल्युवर के नहीं आने से मूल्य का अंदाज नहीं लग सका
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि टीम की जांच बेहद गोपनीय थी। छापे की कार्रवाई के दौरान सोने-चांदी के वैल्युवर को भी टीम अपने साथ लेकर नहीं आई थी। छापा शुरू होने के थोड़ी देर बाद टीम ने एक स्थानीय वैल्युवर से संपर्क किया। इसके बाद लखनऊ और वाराणसी से वैल्युवर बुलाने का इंतजाम किया गया। सूत्रों ने बताया कि करीब दोपहर दो बजे दूसरे शहर से वैल्यूवर को भेजा गया। इसके आने के बाद जांच के दौरान मिले सोने-चांदी के रकम की वैल्यू के साथ कच्चे कागज का मिलान कराना शुरू हुआ। वैल्यू के आधार पर राजस्व का जुर्माना लगेगा।
मंगलवार के दिन मारा छापा, दुकानें बंद रहीं
मंगलवार को हिंदी बाजार पूरी तरह से बंद रहता है। आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार बंदी के दिन ही छापे की योजना बनाई। इस दौरान पूरे बाजार के अलावा छापे वाले कटरे की दुकानें भी बंद थीं। इससे लोगों की आवाजाही एकदम न के बराबर रही। टीम ने कटरे में दुकान के चारों तरफ ताला लगा दिया। इस दौरान स्थानीय और साथ में आई पुलिस की टीम मौजूद रही।
गोरखपुर में सराफा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई अभी जारी रह सकती है। खबर है कि दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियां भी आकर जांच कर सकती हैं। हनी ज्वेलर्स के अलावा कई और सराफा कारोबारी इन एजेंसियों के रडार पर हैं।