अगर आप कोरोना संक्रमित हैं और होम आइसोलेशन में हैं तो सांस फूंलने, सीने में दर्द सहित सात लक्षणों के दिखने पर सतर्क हो जाएं। तत्काल एकीकृत कोविड कमांड सेंटर से संपर्क करें। सेंटर के जरिए चिकित्सकीय मदद कराई जाएगी। ऐसे हालात में चिकित्सकीय मदद लेने में देरी जानलेवा भी साबित हो सकती है।
होम आइसोलेशन में हैं तो नजरअंदाज न करें ये सात लक्षण, तुरंत करें डॉक्टर को फोन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने यह सलाह दी है। उन्होंने होम आइसोलेटेड कोरोना उपचाराधीन मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि जब कोविड कमांड सेंटर से उनके पास कॉल आती है तो अपनी सेहत के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराएं। विभाग का प्रयास है कि मृत्यु दर को शून्य पर लाया जाए। कोरोना से होने वाली हर एक मौत का विश्लेषण भी किया जा रहा है।
चिकित्सक के परामर्श पर ही हों होम आइसोलेट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि होम आइसोलेशन का विकल्प चिकित्सक के परामर्श और रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) की सहमति से ही अपनाना चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों और रोगियों को इसकी अनुमति नहीं है।
यहां करें फोन
अगर कोरोना के गंभीर लक्षण दिख रहे हैं तो कोविड कमांड सेंटर के संपर्क सूत्र 0551-2201796, 0551-2202205 और 0551-2204196 पर सूचित करें। ऐसे में आरआरटी से भी संपर्क किया जाना चाहिए ताकि यथाशीघ्र चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
ये हैं सात लक्षण...
- सांस लेने में कठिनाई हो।
- शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम होने लगे।
- सीने में लगातार दर्द या भारीपन महसूस हो।
- मानसिक भ्रम की स्थिति।
- बोलने में असमर्थता हो।
- चेहरे या किसी अन्य अंग में अत्यधिक कमजोरी हो।
- होठों या चेहरे पर नीलापन नजर आए।
- अलग कमरे, शौचालय, बर्तन, तौलिया का इस्तेमाल हो।
- हर समय त्रिस्तरीय मॉस्क जरूर पहनें।
- बार-बार हाथों को साबुन से 40 सैकेंड तक धोएं।
- स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी कर जानकारी दर्ज करवाएं जैसे तापमान, ऑक्सीजन का स्तर आदि।
- मरीज के संपर्क में आए सभी सामान एवं कमरे के फर्श को एक फीसदी सोडियम हाइपोक्लोराइड के घोल से नियमित रूप से विसंक्रमित करना है।
- योगासन करें, काढ़े का सेवन करें।
- कोविड-19 से अलग हटकर रूचिकर कार्यों में समय दें।