कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। कोरोना से बचने के लिए लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों में ही रहें, घर से बाहर निकलने पर कोरोना का खतरा हो सकता है। वहीं गोरखपुर की एक महिला अफसर लोगों की सेवा में 24 घंटे लगी हुई हैं। लोग इन्हें कोरोना योद्धा बता रहे हैं। इनका नाम हर्षिता माथुर है और ये गोरखपुर की मुख्य विकास अधिकारी पद पर तैनात हैं।
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IAS Harshita mathur
- फोटो : फेसबुक
हर्षिता माथुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए 14 हजार से अधिक लोगों तक स्वच्छता किट पहुंचा चुकी हैं। ये रोजाना कई ब्लाकों का निरीक्षण कर क्वारंटीन किए गए बाहर से आए लोगों का हाल जानने के साथ ही उनके भोजन, पानी और उन्हें मच्छर से बचाने के लिए मच्छरदानी बंटवा रही हैं।
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हर्षिता की नजर प्रमुख रूप से जिले के मुसहर और वनटांगिया गांवों पर है। उन्हें कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए घर-घर जाकर जागरूक कर रही हैं। इस संकट की घड़ी में इनके द्वारा किया गया कार्य लोगों को अपना मुरीद बना रहा है।
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IAS Harshita mathur
- फोटो : अमर उजाला
हर्षिता यह सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें समय से राशन और अन्य जरूरी सेवाएं मिलती रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचाने के लिए बनने वाली योजनाओं में डीएम को महत्वपूर्ण इनपुट उपलब्ध कराकर उनकी सहयोग करती हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
मनरेगा मजदूरों, वृद्धा एवं निराश्रितों को समय से पेंशन दिलाने के साथ ही इस पर भी नजर रख रही हैं कि कोई इन गरीबों की पेंशन और मजदूरी पर डाका न डाल सके। हाल ही में चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रधान ने कई मनरेगा मजदूरों की मजदूरी पर डाका डालने का प्रयास किया था जिस पर प्रधान पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दूसरी पंचायतों में प्रशासनिक सख्ती का संदेश दिया।