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महारणा प्रताप पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, जंगल धूसड़ में बड़े पैमाने पर सूती कपड़े से मास्क और सैनिटाइजर तैयार किए जा रहे हैं। कॉलेज में गुरू गंभीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र पर 12 अप्रैल से मास्क बन रहे हैं। यहां प्रशिक्षण ले रही आसपास की महिलाएं सूती कपड़े से एक दिन में 300 मास्क तैयार करती हैं।
इस कार्य में केंद्र की प्रमुख कमलावती और अंग्रेजी विभाग की शिक्षिका कविता मध्यान्ह, गृह विज्ञान की डॉ. किरण सिंह और सुबोध मिश्र सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा बीएचयू से रिसर्च कर रहे और कॉलेज के पूर्व छात्र मनीष त्रिपाठी की देखरेख में सैनिटाइजर तैयार किया जा रहा है। उनके सहयोग में सुबोघ मिश्र, विनय कुमार सिंह, नीलांक राव और ओमप्रकाश निषाद लैब में लगे हुए हैं।
इसके अलावा महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज में भी मास्क तैयार किए जा रहे हैं। जिसे जरूरतमंदों में बांटे जा रहे हैं। एमपीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रदीप राव ने बताया कि मंझरिया और हसनगंज गांव में प्रत्येक व्यक्ति को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा जितनी भी संस्थाएं एमपी शिक्षा परिषद की हैं उनके कर्मचारियों को भी इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
कोरोना के लिए दो अस्पताल तैयार
मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर के निर्देश पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की चिकित्सकीय संस्थाओं ने भी अपनी तैयारियां कर रखी है। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय में 10 वेटिंलेटर युक्त 300 बेड कोरोना से संक्रमित के इलाज के लिए तैयार किया गया है। वहीं मां पाटेश्वरी देवी चिकित्सालय में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। जब भी जरूरत पड़ेगी इन दोनों संस्थाओं को जिला प्रशासन को सौंप दिया जाएगा।
दो कॉलेजों के जिम्मे राशन की व्यवस्था
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े दो कॉलेज गुरु गोरक्षनाथ विद्यापीठ, भरोहिया चौकमाफी और दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज चौक बाजार को गांवों में राशन की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों कॉलेज के प्रधानाचार्य और शिक्षक आसपास के गांवों में चेक करते हैं कि कौन-कौन लोग हैं जिन्हें राशन एवं खानपान की जरूरत है। इसके बाद वे गोरखनाथ मंदिर से संपर्क करते हैं और राशन व खाने के पैकेट वितरित कराते हैं। इसकी सूची भी मंदिर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाती है।
दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज ने शहर के लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। कॉलेज के पूर्व छात्र नीरज कुमार पांडे ने ऑनलाइन पोर्टल डील्स4यू तैयार किया है। 28 मार्च से शहर के लोगों को उनकी जरूरत के सामान को निशुल्क घर तक पहुंचाया जा रहा है।
इस कार्य में मिथिलेश यादव, जितेंद्र प्रजापति, पवन गुप्ता, मनोज सिंह, प्रदीप प्रजापति भी लगे हुए हैं। ये सभी बेतियाहाता स्थित किराना की दुकान और फल की दुकान से लोगों के घरों तक बाइक से सामान पहुंचाते हैं। नीरज बताते हैं कि एक पैकेट पहुंचाने में करीब 25 रुपये का खर्च आता है। अभी तक 990 घरों में सामान की डिलिवरी कर चुके हैं।
प्राचार्य डॉ एसपी सिंह ने बताया कि कॉलेज के इन छात्रों ने जब मुझसे अपनी योजना साझा की तो मुझे बहुत खुशी हुई। कॉलेज ने तय किया है कि होम डिलीवरी में होने वाले ईंधन का खर्च कॉलेज प्रशासन उठाएगा।