यूपी के कुशीनगर में बीते दिनों अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाका हो गया था, इस धमाके में चार लोगों की मौत हो गई थी। बता दें कि धानी बाजार में 2010 में पटाखा गोदाम में हुए भयानक विस्फोट में आठ लोगों की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। धमाके से पूरा कस्बा थर्रा उठा था। पूरे कस्बे में चीख-पुकार मची थी। पटाखा फैक्टरी में काम करने वाले लोगों के क्षत-विक्षत शव पड़े थे।
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पटाखा फैक्टरी में धमाका। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
मंजर देखकर लोगों का कलेजा दहल गया था। थोड़ी सी चूक का खामियाजा पूरा क्षेत्र ने भुगता। विस्फोट में दो परिवारों के आठ लोगों की मौत हुई थी। धानी क्षेत्र में हुई घटना में घायल हुए डबलू बताते हैं कि 2010 की घटना बेहद भयावह थी। उसे सोच कर अब भी रूह कांप उठती है। आंखों के सामने अपनों का साथ छोड़ते देख कर कलेजा दहल जाता है। घटना का दर्द आज भी झेल रहे हैं। न तो धूप बर्दाश्त होती है, न ही ठंड। पटाखा विस्फोट की घटना की पुनरावृत्ति न हो, उसके लिए प्रशासन को बेहद सतर्क रहना होगा। कस्बे से दूर व नाबालिगों को पटाखा से दूर रखना चाहिए।
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घटनास्थल पर मौजूद लोग। (फाइल फोटो)
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धानी क्षेत्र के सुनील कुमार ने बताया कि पटाखा फैक्टरी में हुआ विस्फोट काफी भयंकर था। पटाखा फैक्टरी में काम करने के लिए जो लोग पहुंचे, उनमें से कई का जीवन इस हादसे से खराब हो गया। किसी प्रकार लंबे इलाज के बाद जान बची। उस दृश्य को सोच कांप उठते हैं।
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मौके पर जमा लोग। (फाइल फोटो)
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धानी क्षेत्र के छट्ठू सिंह ने बताया कि घटना इतनी भयावह भी कि मानो धरती हिल गई। घटना के बाद घायलों की चीख पुकार से पूरा क्षेत्र दहल गया था। पूरे क्षेत्र में मातम पसरा था। काफी मशक्कत के बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया। वह जीवन में न भूलने वाली घटना है।
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इसी अवैध फैक्टरी में हुआ विस्फोट। (फाइल फोटो)
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कस्बे के अशोक कुमार ने बताया कि धानी पटाखा विस्फोट की घटना जीवन भर नहीं भूलेगी। उस घटना में आठ जिंदगी काल के गाल में समा गई थी। मंजर पूरी तरह से दिमाग में कौंधता है तो दिल दहल जाता है। आंखों के सामने विस्फोट में मारे गए लोगों के क्षत-विक्षत शव पड़े थे। पूरा क्षेत्र दहशत में डूबा हुआ था। इस प्रकार की घटना से बचने की जरूरत है।