उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले शमी व इकबाल अपने हुनर के दमपर रेत में भी हरियाली उगा देते हैं। दूर-दूर से लोग इनके द्वारा की गई खेती की जानकारी लेने आते हैं। फिलहाल इन्होंने 70 एकड़ रेत में हरियाली उगाकर लाखों रुपये कमा रहे हैं।
जिस रेत में नहीं उगती थी फसल, इस शख्स ने हुनर व मेहनत के बल पर फैला दी हरियाली
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बता दें कि शमी व इकबाल के परिजन दिल्ली में शास्त्री चौक के पास बसें हैं। परिवार के लोग राजस्थान व दिल्ली में नदी के किनारे रेत में सब्जी उगाने का काम करते हैं। वहीं इकबाल और शमी ने अपने बाप-दादा से रेत में हरियाली उगाने का हुनर सीखा।
ग्रामीण बताते हैं कि अक्टूबर में गांव के 70 एकड़ खेत में इन्होंने करीब 800 ट्राली गोबर की खाद डाली। इसके बाद नवंबर महीने में जेसीबी लगाकर नाला बनाया। उसमें करेला, लौकी, कोहड़ा आदि सहित अन्य सब्जियां उगाईं। जनवरी महीने में जहां रेत दिखाई पड़ती थी, वहां चारों तरफ हरियाली फैल गई।
शमी बताते हैं कि फरवरी से सब्जियां निकलने लगी और उन्हें तोड़ने के लिए अगल-बगल के गांव की 50 महिलाओं को लगाया गया। इसके अलावा पूरे सीजन में सैकड़ों लोगों को इस खेत से रोजगार मिलता है। उन्हें पैसे के साथ-साथ मुफ्त में भी सब्जियां भी दी जाती हैं।
वहीं इरफान बताते हैं कि यहां खेती करने से पहले सब्जी मंडी के थोक व्यापारी पप्पू व देवरिया के मनीष ने उन्हें आर्थिक मदद की। आज गांव के चारों तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई पड़ रहा है। यहां से हर रोज 6-7 पिकअप सब्जियां गोरखपुर सब्जी मंडी जाती हैं।