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Exclusive: गोरखपुर प्राणि उद्यान में नहीं बस पाया तितलियों का संसार, निराश लौट रहे दर्शक

Wed, 27 Oct 2021 10:29 AM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 27 Oct 2021 10:29 AM IST
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Gorakhpur Zoological Park Butterflies not be kept due to flaw in design of butterfly house
गोरखपुर चिड़ियाघर में स्थित तितली घर। - फोटो : अमर उजाला।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान को दर्शकों के लिए खुले करीब सात माह हो गए हैं, लेकिन इसके परिसर में बनाए गए तितली घर में ताला लटका है। कारण, तितली घर की डिजाइन ठीक नहीं है। इस कारण इसमें तितलियों के संसार को नहीं बसाया जा सका। चिड़ियाघर घूमने आने वाले लोग बाहर से भवन और शीशे का फाटक व उस पर लगा ताला देखकर आगे बढ़ जाते हैं।  


प्राणि उद्यान में एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में तितली पार्क बनाया गया है। इसमें 70 से ज्यादा प्रजाति की तितलियों को रखे जाने की योजना थी। इसके अलावा उनके सुरक्षित प्रजनन के लिए अलग से घर बनाया जाना था, लेकिन तितली घर की बनावट में खामी के कारण उसका वातावरण तितलियों के रहने के अनुकूल नहीं है न ही उनके प्रजनन की व्यवस्था की जा सकती है।
Gorakhpur Zoological Park Butterflies not be kept due to flaw in design of butterfly house
गोरखपुर चिड़ियाघर। - फोटो : अमर उजाला।
सूत्र बताते हैं, कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम ने तितली घर के निर्माण के दौरान किसी विशेषज्ञ की राय नहीं ली। जानकार बताते हैं कि तितली घर का पूरा मामला उसके अंदर के तापमान पर निर्भर करता है। प्रजनन की प्रक्रिया के दौरान अगर निश्चित तापमान होगा तभी तितली का अंडा सुरक्षित रहता है। इसके बाद लार्वा से प्यूपा भी निश्चित तापमान पर ही तैयार होता है। प्यूपा से व्यस्क तितली बनती है। इसके बाद सभी तितलियों को अपने मनपसंद पौधे की जरूरत होती है। तितली घर में फ्लोरा का विकास तक नहीं किया जा सका है। ऐसी हालत में उसमें तितलियों का संसार कैसे बसाया जा सकता है?  
 
Gorakhpur Zoological Park Butterflies not be kept due to flaw in design of butterfly house
गोरखपुर चिड़ियाघर में स्थित तितली घर। - फोटो : अमर उजाला।
इंटपटेशन सेंटर भी बेकार
तितली घर में तितलियों के जीवन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातों की जानकारी के लिए इंटरपटेशन सेंटर बनाया गया है। योजना थी कि इसके माध्यम से तितलियों के प्रजनन, सुरक्षा, संरक्षण और प्राकृतिक व्यवहार की जानकारी दी जाएगी, लेकिन इंटरपटेशन सेंटर बनकर बेकार पड़ा है।
 
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Gorakhpur Zoological Park Butterflies not be kept due to flaw in design of butterfly house
गोरखपुर चिड़ियाघर में स्थित तितली घर। - फोटो : अमर उजाला।
प्राणि उद्यान के निदेशक राजामोहन ने बताया कि तापमान की वजह से तितलीघर खुल नहीं पाया है। राजकीय निर्माण निगम से बोला गया है कि ऊपरी हिस्से को तुड़वाकर अलग से बनाया जाए। वेंटिलेशन के साथ सूर्य की किरणों को सीधे समयानुसार तितली घर के अंदर पहुंचाया जाए। सूर्य की किरणें तितलियों के जीवन के लिए उपयोगी होती हैं। 
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Gorakhpur Zoological Park Butterflies not be kept due to flaw in design of butterfly house
मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला।
दो मगरमच्छ मर गए, लेकिन नहीं ली सीख
प्राणि उद्यान में दस मगरमच्छ लाए गए थे। कुछ दिनों पहले आपसी लड़ाई में व्यस्क मगरमच्छों ने दो छोटे मगरमच्छों को मार दिया। सूत्र बताते हैं कि पॉंड की क्षमता सही है, लेकिन उद्घाटन की जल्दी में नियमों को दरकिनार किया गया है। पॉंड के भीतर पेड़ के साथ पर्याप्त झाड़ियां और हाइड स्पेस होनी चाहिए, ताकि मगरमच्छ सामान्य तौर पर एक दूसरे को देख न सकें। अभी पॉंड में सिर्फ पानी है। आसानी से मगरमच्छ एक दूसरे को देखते हैं और करीब भी चले जाते हैं। इसी से उनके बीच लड़ाई हो जाती है। जानकार बताते हैं कि अगर चिड़ियाघर प्रबंधन समय से नहीं चेता तो आने वाले समय में कुछ और मगरमच्छों की मौत हो सकती है।  
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