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गोरखपुर: सितंबर के आखिर में कभी नहीं आई इस तरह ‘बाढ़’, तस्वीरों में देखें नदियां एक बार फिर उफान पर

Sat, 26 Sep 2020 08:59 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 26 Sep 2020 08:59 AM IST
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Gorakhpur flood never came in late September
गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में सितंबर माह के आखिर में दो दिनों की झमाझम बारिश ने जिले से गुजरने वाली नदियों में उफान ला दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। उनका कहना है कि सितंबर के आखिर में इस तरह से कभी बाढ़ नहीं आई।

Gorakhpur flood never came in late September
Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।

नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश का सबसे अधिक असर रोहिन नदी पर हुआ है। यह शुक्रवार को खतरे के निशान से 1.6 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। चंद रोह पहले यह नदी खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे थी।

 

Gorakhpur flood never came in late September
Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।

राप्ती भी तेजी से बढ़ती हुई खतरे के निशान से मात्र 43 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। इसी तरह से अन्य नदियों का भी जलस्तर बढ़ रहा है। घाघरा नदी अयोध्या में खतरे के निशान से 1.52 मीटर नीचे बह रही है। जबकि बरहज में यह खतरे के निशान से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। हालांकि इसका जलस्तर शुक्रवार शाम तक स्थिर था। कुआनो और गोर्रा का भी जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं।
 

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Gorakhpur flood never came in late September
gorakhpur flood news - फोटो : अमर उजाला।

सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि सितंबर के अंत में इस तरह कभी बाढ़ देखने को नहीं मिली है। नदियां खतरे के निशान से तीन मीटर तक नीचे चली गई थीं। इतना तेज पानी बरसा की दो दिन रोहिन जैसी नदी खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक ऊपर बहने लगी। अभी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन चिंता की बात नहीं है। स्थिति नियंत्रण में है। तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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Gorakhpur flood never came in late September
gorakhpur flood news - फोटो : अमर उजाला।

डोमिनगढ़ के पास राप्ती में मिलती है रोहिन
गोरखपुर मंडल में बहने वाली सभी प्रमुख नदियां नेपाल के पहाड़ से निकलकर मैदानी क्षेत्र में आती हैं। रोहिन नदी नेपाल से निकल कर महराजगंज होते हुए डोमिनगढ़ के पास आकर राप्ती में मिलती है। पोखरा बुटवल की तरफ अधिक बारिश होने के कारण रोहिन में तेजी से पानी आया। नदी का अधिक फैलाव नहीं होने से जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। राप्ती भी नेपाल से निकलकर बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर होते हुए गोरखपुर पहुंचती है। यह पटना घाट के पास घाघरा में मिल जाती है।

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