कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शनिवार की रात आठ बजे से शुरू होने वाले 35 घंटे के कोरोना कर्फ्यू को लेकर लोग सतर्क दिखे। कर्फ्यू शुरू होने के पहले ही हर कोई सब्जी, दूध और दवा समेत जरूरी सामानों की खरीदारी में मशगूल दिखा। सब्जी मंडी और किराने की दुकानों में दोपहर तीन बजे से लेकर सात बजे तक रोज की तुलना में ज्यादा भीड़ दिखी। इसके बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शहर से लेकर देहात तक के प्रमुख चौराहों, बाजार और सड़कों पर भ्रमण कर कर्फ्यू का पालन सुनिश्चित कराने में जुटे रहे।
रविवार लॉकडाउन: सड़कों पर दिखा सन्नाटा, एक दिन पहले ही जरूरी सामान खरीद घरों में कैद हुए लोग
शनिवार की रात आठ बजे से प्रभावी हुआ कोरोना कर्फ्यू सोमवार की सुबह सात बजे तक जारी रहेगा। वहीं बाकी दिनों में भी पूर्व की तरह नाइट कर्फ्यू भी लागू रहेगा। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी और किसी को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लोग दवा और इलाज के लिए अस्पताल आ-जा सकेंगे।
इसी तरह किसी को ट्रेन, बस या फ्लाइट पकड़नी है तो वह भी घर से बाहर निकल सकता है, मगर उसे अपना टिकट और आईडी पास रखना होगा, ताकि जांच के समय वे इसे दिखा सकें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घरों में ही रहें और आपात स्थिति आने पर ही घर से बाहर निकलें। इससे वे खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही अपने परिवार व समाज को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करेंगे।
शादी व अन्य मांगलिक आयोजन होंगे
जिनके यहां रविवार को तिलक, शादी या अन्य कोई मांगलिक आयोजन है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। पूर्व निर्धारित इन आयोजनों पर कोई रोक नहीं है। मगर, उन्हें कोरोना से बचाव के प्रोटोकाल का पालन करना होगा। बंद हाल में 50 लोग, जबकि खुले में अधिकतम 100 लोग रह सकेंगे। मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य रहेगा और शारीरिक दूरी का पालन भी करना होगा। शादी-तिलक में जाने वालों को आयोजन का कार्ड और आईडी साथ रखनी होगी। कोरोना कर्फ्यू में रात्रिकालीन कर्फ्यू की तुलना में कड़े प्रतिबंध होंगे। बेमतलब, बाहर निकले तो मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।
अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग शामिल हो सकेंगे। सभी कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करना होगा। मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।