उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गगहा क्षेत्र के एक गांव में भूमि विवाद में रविवार सुबह अधिवक्ता राजेश्वर पांडेय (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दो की गिरफ्तारी की गई है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। आगे की स्लाइड्स में पढें क्या है पूरा मामला...
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घट्नास्थल पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों की जुटी भीड़।(इनसेट में अधिवक्ता की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
गोली लगने के बाद जमीन पर तड़प रहे राजेश्वर की आखिरी सांस चल रही थी पर उनका जज्बा जिंदा था। बेटी! मुझे कुछ नहीं होगा। तुम लोग रो क्यों रहे हो। अस्पताल ले चलो, सब ठीक हो जाएगा...। यह बोल अधिवक्ता राजेश्वर पांडेय की जिंदगी के आखिरी शब्द थे। इसके बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। फिर क्या घर में कोहराम मच गया। एक बाप का अपनी बेटी के हाथ पीले करना का सपना अधूरा रह गया।
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रोते- बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
गगहा क्षेत्र के शिवपुर गांव के इस परिवार में यह हत्या पहली बार नहीं हुई है। कुछ ऐसा ही 1992 में भी हुआ था। तब राजेश्वर पांडेय के पिता सदानंद पांडेय को गोली मारी गई थी। आज आरोप चंकी पांडेय पर है तब उसके पिता महेश्वर पांडेय पर था। आरोप था कि महेश्वर ने अपने साथियों संग सदानंद को गोली मारी थी।
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घट्नास्थल पर पहुंची पुलिस लोगों से पूछताछ करे हुए।
- फोटो : अमर उजाला।
सदानंद छह महीने तक अस्पताल में जिंदगी मौत से जंग लड़े और फिर मौत हो गई। परिवार इसके बाद से ही महेश्वर के परिवार से अलग हो गया था लेकिन घर आसपास होने की वजह से एक बार फिर खूनी संघर्ष हो गया और राजेश्वर की जान चली गई।
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मृत राजेश्वर पांडेय की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
निर्दल विधायक का चुनाव भी लड़े थे राजेश्वर
राजेश्वर पांडेय चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से निर्दल चुनाव भी लड़े थे। सामाजिक रूप से उनकी क्षेत्र में अच्छी पहचान थी। पट्टीदार से जमीन का विवाद लंबे समय से चला आ रहा है।