बिहार के सीतामढ़ी मेहसौल निवासी फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह की जांच में पता चला है कि बिहार में उसकी करतूतों का भंडाफोड़ होने से पहले वहां की एक युवती को लगातार शहर के लग्जरी होटलों में बुलाता था।
गोरखपुर में भी तीन प्रेमिकाओं को लग्जरी होटलों में बुलाकर महंगे मोबाइल, ज्वेलरी, ब्रांडेड कपड़े व गिफ्ट देकर वह उनका भरोसा जीतता था। बिहार में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज होने के बाद गौरव ने अपना ठिकाना बदल लिया और गुलरिहा के मुहल्ले झुंगिया-मुड़िला की गली में किराए के छिपकर रहने लगा।
2 of 15
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी फर्जी आईएएस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोशल मीडिया पर अफसर के तौर पर प्रोफाइल बनाकर वह लोगों को झांसे में लेता रहा। पुलिस की जांच में सामने आया है कि गौरव जब भी गोरखपुर में होता तो बिहार की एक प्रेमिका को शहर के महंगे होटलों में बुलाता था।
3 of 15
फर्जी आईएएस गौरव कुमार सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खुद को 2022 बैच का आईएएस बताते हुए कहता था कि उसका ट्रांसफर कभी भी हो सकता है इसलिए होटल में रुकना मजबूरी है। युवती को झांसे में रखने के लिए अक्सर महंगी ज्वेलरी, गिफ्ट और डिनर सभी खर्च का डिजिटल पेमेंट करता था ताकि रुतबा और विश्वसनीयता बनी रहे।
4 of 15
फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गौरव ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर शहर में रहने वाले पटेल से 30 हजार रुपये प्रतिमाह व बिजली बिल पर किराए पर मकान लिया था। जांच में पुलिस ललित की संपत्ति, बैंक खातों, डिजिटल गतिविधियों और उन लोगों की सूची खंगाल रही है जिनसे उसने खुद को अधिकारी बताकर संपर्क किया था। यह भी पता चला है कि उसने यहां रहने वाली तीन युवतियों से नजदीकियां बना रखीं थीं जिन्हें सरकारी योजनाओं में मदद, नौकरी और ठेका दिलाने का झांसा देता था।
5 of 15
फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिहार में मामला खुला तो गोरखपुर में आकर छिपा
बिहार के मोकामा में जब ललित के फर्जीवाड़े की शिकायत हुई और पुलिस उसकी तलाश में जुटी तो वह गोरखपुर आ गया। यहां वह गौरव कुमार सिंह के नाम से रह रहा था और लगातार सोशल मीडिया पर खुद को आईएएस बताने वाली पोस्ट कर रहा था।