मुख्यमंत्री का शहर होने की वजह से बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास से लेकर नई सुविधाओं की सौगात हासिल करने तक में गोरक्षनगरी पूरे साल रथ पर सवार रही। वर्ष के शुरूआती तीन महीने विधानसभा चुनाव में निकल जाने के बावजूद इस साल मुख्यमंत्री ने करीब 4200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें से कुछ परियोजनाएं ऐसी भी रहीं जो समय से पूरी नहीं हो सकीं। जिन परियोजनाओं का शिलान्यास इस साल हुआ है उनमें से अधिकतर का लोकार्पण अब अगले साल होने की उम्मीद है।
अलविदा 2022: गोरखपुर में कई परियोजनाओं का शिलान्यास, नए साल में लोकार्पण की आस
गुजरते साल में मुख्यमंत्री ने जिले में करीब 4200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगत जनपद वासियों को है। इनमें से कई परियोजनाएं आने वाले वर्षों में पूरी होंगी, लेकिन इनकी शुरूआत होने से जिले का तेजी से विकास होता दिखाई दे रहा है।
जिले को टीपी नगर से पैडलेगंज तक पहले सिक्स लेन फ्लाईओवर का तोहफा मिला है। इसका शिलान्यास हो हो गया है लेकिन अभी निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इसके बन जाने से इस क्षेत्र में लगने वाले जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
पैडलेगंज से नौसड़ तक जिले का पहला सिक्स लेन बन रहा है। निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक इसे पिछले साल पूरा हो जाना था, लेकिन नहीं हो पाया। अब यह नए साल में ही पूरा हो पाएगा। साल के अंत में देवरिया बाईपास, पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौराहा और नौकायन से लेकर देवरिया बाईपास तक की सड़क को भी फोरलेन किए जाने को मंजूरी मिल गई है। खजांची चौराहे पर फ्लाईओवर भी मंजूर हो गया है। इनके पूरा होने से शहर में जाम की समस्या से काफी निजात मिल सकती है।
जाम से नहीं मिली राहत
सोमवारी जाम का दाग गोरखपुर के माथे पर चिपका है तो सामान्य दिनों में भी लगने वाले जाम में लोग हांफ जा रहे हैं। इसका समाधान इस साल भी नहीं हो पाया है।
फाइल से नहीं निकल पाई रेल परियोजना
मेट्रो परियोजना को राज्य से लेकर केंद्र के कुछ बड़े विभागों से मंजूरी तो मिली लेकिन इस साल यह फाइलों से निकलकर जमीन तक नहीं पहुंच सकी।
महायोजना भी अधूरी
शहर के सुनियोजित विकास को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की नई महायोजना-2031 इस साल भी वजूद में नहीं आ सकी। महायोजना के प्रारूप को लेकर आपत्तियों की झड़ी लग गई, जिसके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है।