छठ महापर्व के बीच अगर आप आस्था की डुबकी नदी, पोखरे और तालाब में लगाते हैं तो विशेष सावधानी बरतें। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना का वायरस पानी के जरिये नहीं फैलता, लेकिन नदी व पोखरे के पानी में संक्रमण की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ सामूहिक घाटों पर स्नान से बचने की सलाह दे रहे हैं।
छठ पर्व को लेकर डॉक्टरों ने दी ये खास सलाह, पूजा के दौरान गलती से भी ना करें ये काम
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बताया कि पूर्वांचल में सामूहिक स्नान के दौरान छठ घाटों पर भीड़ जबरदस्त होती है। इसमें कोई न कोई पॉजिटिव जरूर होगा। इस दौरान अगर वह खांसता या छीकता है या सांस लेकर डुबकी लगाता है तो संक्रमण फैलने की आशंका पूरी है। ऐसी स्थिति में सामूहिक स्नान से बचें। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग ही सबसे बड़ा हथियार है।
मास्क के साथ दो गज की दूरी जरूरी
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि छठ पर्व पर मास्क के साथ दो गज की दूरी बेहद जरूरी है। हो सके तो लोग घर पर ही स्नान करें। अगर छठ घाट पर जा रहे हैं तो मास्क जरूर लगाएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें। ऐसा न करने से लोग खुद के साथ दूसरे की जान को भी आफत में डाल सकते हैं। इसलिए लोगों से अपील की जा रही है कि मास्क जरूर लगाएं।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छठ पूजा की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शासन की तरफ से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने छठ घाटों पर व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के साथ ही बड़े घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए कोरोना से बचाव संबंधी संदेश बजाने को कहा।