पुत्रदा एकादशी का पर्व आज मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि जो भी नि:संतान दंपत्ती विधि-विधान से पुत्रदा एकादशी व्रत कर भगवान विष्णु को प्रसन्न करता है उसे संतान का सुख मिल जाता है।
पुत्रदा एकादशी व्रत रखने पर मिलता है संतान का सुख, जानिए कैसे बरसती है भगवान विष्णु की कृपा
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पंडित चंदन पांडेय के अनुसार हिंदू धर्म में एकादशी तिथि की महत्व बहुत अधिक है। पंचांग के अनुसार, हर माह दो एकादशी तिथियां होती हैं, इस तिथि का महत्व इसलिए भी अधिक देखने को मिलता है क्योंकि इस दिन जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और उनके नाम का व्रत रखा जाता है।
पुत्रदा एकादशी का महत्व
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार मान्यता है कि इस दिन भक्त संतान प्राप्ति की कामना व उनकी लंबी आयु के लिए पुत्रदा एकादशी व्रत रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन निर्जला और निराहार रहकर व्रत रखने से संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।
वहीं नि:संतान या संतान सुख पाने की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को यह व्रत अवश्य रखना चाहिए। माना जाता है कि अगर दंपत्ती साथ मिलकर इस दिन पूजा करें या फिर व्रत रखें, तो इसका प्रभाव अधिक फलदायी होता है।
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, ब्रह्ममुहूर्त में उठकर नित्यकर्मों से निवृत हो जाएं। स्नान करने के बाद पूजा घर की साफ-सफाई करें। भगवान विष्णु की पूजा के लिए उनकी तस्वीर के समक्ष दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें। उनका अभिषेक करें, फिर चंदन, सिंदूर, फूल आदि से पूजा करें और उन्हें प्रसाद चढ़ाएं। फिर दिन भर व्रत रखें। ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-पुण्य करें।