कोरोना का असर: अचानक लोगों में बढ़ गई माउथ स्प्रे की डिमांड, डॉक्टर की सलाह लिए बिना न करें इस्तेमाल
एमडी मेडिसिन डॉ. गौरव पांडेय ने बताया कि स्प्रे कितना असरदार है? इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता है। क्योंकि यह शोध का विषय है। लेकिन इतना जरूर है कि बिना चिकित्सक के सलाह के माउथ स्प्रे का इस्तेमाल ठीक नहीं है। खासकर अस्थमा पीड़ित व्यक्ति, मुंह के कैंसर पीड़ित इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने में माउथ स्प्रे अब तक कारगर नहीं माना गया है। क्योंकि अब तक इस पर कोई शोध नहीं हुए है। ऐसे में संक्रमण से बचने के लिए जो लोग माउथ स्प्रे का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बिना सलाह के इसका इस्तेमाल न करें। क्योंकि कई बार होता है कि मुंह के अंदर छिपे अच्छे बैक्टीरिया भी दवाओं के सेवन से मर जाते हैं। इसलिए इस तरह के स्प्रे से लोगों को बचना चाहिए।
डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा
डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा देश के कई राज्यों में बढ़ गया है। इसकी वजह से लोग संक्रमण से बचने का रास्ता खोज रहे हैं। ऐसे में लोग माउथ स्प्रे खरीद रहे हैं। लोगों को मानना है कि कोरोना वायरस मुंह और नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश कर रहा है।
इस तरह करते हैं इस्तेमाल
माउथ स्प्रे दवा का दो पफ (कश) एक डोज माना जाता है। मुंह में रखकर एक डोज लेने के दो घंटे तक इसका असर रहता है। पूरे दिन में अधिकतम छह डोज लिया जा सकता है। एक स्प्रे में 75 डोज होता है। इसका इस्तेमाल चार वर्ष से अधिक उम्र के लोग कर रहे हैं।