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यूपी का यह विश्वविद्यालय डूबते तारों की चाल पर करेगा शोध, सुलझेंगी अनकही पहेलिया

Sun, 14 Mar 2021 11:36 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 14 Mar 2021 11:36 AM IST
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Deen dayal Upadhyay Gorakhpur University will conduct research on movement of sinking stars
तारों पर खोज। - फोटो : Pixabay

अंतरिक्ष की दुनिया रहस्यों से भरी हुई है। तारों और ग्रहों की काफी जानकारियों से हम अब भी अनभिज्ञ हैं। अंतरिक्ष अध्ययन आधुनिक विज्ञान का महत्वपूर्ण विषय है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो शिक्षक तारों की दुनिया के रहस्यों पर शोध करेंगे।

Deen dayal Upadhyay Gorakhpur University will conduct research on movement of sinking stars
बाएं डॉ. राजेश कुमार और दाएं प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव। - फोटो : अमर उजाला।
गणित विभाग के प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव और डॉ. राजेश कुमार को डूबते तारों की चाल की गणितीय संरचना पर शोध की मंजूरी मिल गई है। इस शोध के लिए शासन ने 10 लाख चार हजार रुपये दिए हैं।

 
Deen dayal Upadhyay Gorakhpur University will conduct research on movement of sinking stars
DDU gorakhpur - फोटो : अमर उजाला।

शिक्षकों ने बताया कि तारे के जीवनचक्र को समझना आज भी वैज्ञानिकों के लिए चुनौतीपूर्ण काम है। तारे का जन्म ब्रह्मांड में मौजूद विशालकाय वैश्विक धूलों (नेबुला) के संगठन से होता है। अंतरिक्ष में मौजूद तारें हाइड्रोजन, हीलियम से बने विशालकाय पिंड होते हैं। तारों के केंद्र में नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया चलती रहती है।

 

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Deen dayal Upadhyay Gorakhpur University will conduct research on movement of sinking stars
सौरमंडल के ग्रह (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

तारों में समय के साथ भौतिक एवं ज्यामितीय परिवर्तन होते रहते हैं। इस प्रक्रिया को ग्रेविटेशनल कोलेप्स कहा जाता है। इन प्रक्रियाओं के दौरान  तारे व्हाइट होल, न्यूट्रान स्टार, ब्लैक होल के रूप में परिवर्तित होते रहते हैं। डॉ. राजेश ने बताया कि पिछले तीन सालों से वे तारों की एक विशेष गति का अध्ययन कर रहे हैं। उनके शोध के अनुसार यदि कोई तारा नियत दर से संकुचित (कोलेप्स) हो रहा हो तो उसके केंद्र में एक वैक्यूम निर्मित हो जाता है।

 

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Deen dayal Upadhyay Gorakhpur University will conduct research on movement of sinking stars
सौरमंडल - फोटो : अमर उजाला।
ऐसे तारे कभी भी ब्लैक होल नहीं बनाते हैं। बताया कि वर्तमान में उनकी टीम किसी तारे के जीवन चक्र पर इन अदृश्य पदार्थों का क्या प्रभाव होता है, इसपर शोध कार्य कर रहे हैं। यह शोध परियोजना सीएसटी उत्तर प्रदेश को भेजी गई थी। मार्च 2021 में यह मंजूर हो गई। गणित विभाग के इन दो शिक्षकों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह, विज्ञान के संकायाध्यक्ष प्रो. शांतनु रस्तोगी, विभागाध्यक्ष प्रो. विजय शंकर वर्मा समेत अन्य शिक्षकों ने बधाई दी है।
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