{"_id":"5fc5ed618ebc3e9b7a5c0b1c","slug":"crpf-shaheed-jawan-ramshabad-funeral-people-gathered-to-give-last-farewell-to-soldier","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"तस्वीरें: सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, नम आंखों के साथ दी गई अंतिम विदाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तस्वीरें: सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, नम आंखों के साथ दी गई अंतिम विदाई
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 01 Dec 2020 01:01 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
शहीद जवान की अंतिम विदाई के लिए पहुंचे लोग।(इनसेट में शहीद की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के डेहरीभार निवासी रामशबद पुत्र घनघन प्रसाद का पार्थिव शरीर सोमवार की देर रात गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परिजनों का बिलखना देख वहां मौजूद हर कोई रो पड़ा। वहीं मंगलवार की सुबह पार्थिव शरीर का दाह संस्कार किया गया। शहीद रामशबद लंबे समय से बीमार चल रहे थे, वहीं रविवार की सुबह ड्यूटी के दौरान जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में उनका निधन हो गया।
2 of 5
शहीद जवान की अंतिम विदाई के लिए पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के अनुसार, डेहरीभार निवासी रामशबद जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात थे। दस दिन पूर्व ही वे ड्यूटी के लिए जम्मू-कश्मीर के कुलगाम गए थे। वहां रविवार की सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। परिजनों को जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया।
3 of 5
रोते- बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
ग्रामीणों के अनुसार रामशबद बचपन से ही सादा स्वभाव और मीलनसार व्यक्ति थे। रामशब्द चार भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई भकोल सीआरपीएफ में एसआई पद से अवकाश प्राप्त हैं। इन्ही से प्रेरणा लेकर रामशबद ने सन् 1988 में सीआरपीएफ फोर्स ज्वाइन कीया और अनवरत अपनी सेवा देते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
शहीद जवान की अंतिम विदाई में शामिल जवान।
- फोटो : अमर उजाला।
रामशबद को दो लड़की और एक लड़का श्रीनारायण है। बेटे की उम्र 28 वर्ष है। वह घर पर ही रहता है। एक पुत्री की शादी करनी अभी बाकी है। पिता की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वहीं बेटा श्रीनारायण पिता की मौत की खबर सुनने के बाद से ही बदहवास हो गया है।
विज्ञापन
5 of 5
शहीद जवान की अंतिम विदाई।
- फोटो : अमर उजाला।
अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को गोला मुक्ति पथ पर ले जाया गया। इस दौरान बेटे की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।