गोरखपुर मंडल के किसी जिले में अपराध करने वाले बदमाश अब अपनी संपत्ति नहीं बचा पाएंगे। हर जिले की पुलिस बदमाशों के अपराधों की फेहरिस्त साझा कर गैंगस्टर के तहत संपत्ति को कुर्क कराएगी।
Exclusive: गोरखपुर मंडल में कहीं किए अपराध तो पैतृक घर होगा कुर्क, डीआईजी ने दिया आदेश
जानकारी के मुताबिक, दूसरे जिले में अपराध कर अपने जिले में शरीफ की छवि बनाकर अपराध करने वालों की लिस्ट पहले ही तैयारी कर ली गई है। अब, डीआईजी ने इसे और आगे बढ़ाते हुए अपराध के हिसाब से संपत्ति को गैंगस्टर के तहत जब्त और कुर्क करने की कार्रवाई के लिए पैतृक घर के पते का उल्लेख कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
डीआईजी का मानना है कि लूट, डकैती, चोरी जैसे अपराध में शामिल बदमाश दूसरे जिले में वारदात के बाद जेल भी जाते हैं। उन पर गैंगस्टर की कार्रवाई या तो हो नहीं पाती है या फिर होने के बाद जिस जिले से जेल गए होते हैं, वहां पर संपत्ति न होने की वजह से बच जाते हैं। ऐसे ही बदमाशों की सूची को साझा कर गैंगस्टर के तहत उनके पैतृक घर के पते पर जाकर पुलिस संपत्ति पर कार्रवाई करेगी।
दूसरे जिले में अपराध करने वाले इतने बदमाश आए सामने
गोरखपुर शहर में सबसे ज्यादा बदमाश दूसरे जिलों से आकर वारदात को अंजाम देते हैं। 10 साल के आंकड़ों के मुताबिक, 679 बदमाश ऐसे हैं, जो गोरखपुर में कमाने आए और अपराध करने लगे। देवरिया में करीब 365 बदमाश दूसरे जिले से आकर वारदात करते हैं जबकि कुशीनगर में यह संख्या 144 है तो महराजगंज में 78 बदमाश दूसरे जिले के रहने वाले हैं। इसमें से ज्यादा ऐसे हैं।