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रणजीत बच्चन हत्याकांड: क्यों अवैध संबंधों की ओर बढ़ी पुलिस की तफ्तीश? ये सबूत कर रहे इशारा
Thu, 06 Feb 2020 11:42 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 06 Feb 2020 11:42 AM IST
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ranjeet bachchan
- फोटो : amar ujala
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विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश अवैध संबंधों व रुपये के लेनदेन की ओर आगे बढ़ी है। रणजीत बच्चन के मोबाइल से मिले कई महिलाओं के मोबाइल नंबर पर पुलिस ने पूछताछ की है।
यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व रणजीत बच्चन।
- फोटो : amar ujala
सोशल साइट पर रणजीत बच्चन के साथ जुड़े लोगों में गोरखपुर, लखनऊ, नोएडा, दिल्ली, प्रयागराज, रायबरेली, वाराणसी के लोग शामिल हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं हैं। इनसे रणजीत की लंबी बातचीत और चैटिंग भी मिली हैं। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
इसके अलावा 89 लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली गई। इसमें 17 लोगों के मोबाइल को पुलिस ने डायवर्जन पर ले रखा है। इन मोबाइल नंबरों की लिसनिंग की जा रही है।
इसके अलावा 89 लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली गई। इसमें 17 लोगों के मोबाइल को पुलिस ने डायवर्जन पर ले रखा है। इन मोबाइल नंबरों की लिसनिंग की जा रही है।
ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
छह महीने पहले किया था लाइसेंस के लिए आवेदन
रणजीत को अपनी जान पर खतरा काफी पहले हो गया था। उन्होंने छह महीने पहले शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसकी जांच हुसैनगंज पुलिस ने की थी। वहीं इस जांच पर एसीपी हजरतगंज के कार्यालय से भी रिपोर्ट लगाई गई थी।
हालांकि कोई भी अधिकारी यह बता नहीं पा रहा था कि उनको लाइसेंस जारी हुआ था या नहीं। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने के छह महीने बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
रणजीत को अपनी जान पर खतरा काफी पहले हो गया था। उन्होंने छह महीने पहले शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसकी जांच हुसैनगंज पुलिस ने की थी। वहीं इस जांच पर एसीपी हजरतगंज के कार्यालय से भी रिपोर्ट लगाई गई थी।
हालांकि कोई भी अधिकारी यह बता नहीं पा रहा था कि उनको लाइसेंस जारी हुआ था या नहीं। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने के छह महीने बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार देर रात गोरखपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने तीन संदिग्ध लोगों को उठाया। इसमें प्रॉपर्टी डीलर, एक ठेकेदार व एक अन्य व्यक्ति शामिल है। प्रॉपर्टी डीलर की मदद से ही रणजीत बच्चन ने गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में जमीन खरीदी थी। जिस पर वह आश्रम बनवा रहे थे। ठेकेदार सहित तीन अन्य भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। इनसे लेनदेन का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक एक युवक का चेहरा सीसीटीवी में मिले संदिग्ध से काफी मिलता-जुलता है। हालांकि पुलिस अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। वारदात केखुलासे के लिए राजधानी की पुलिस गोरखपुर के सीधे संपर्क में बनी हुई है।
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CCTV फुटेज में कंबल ओढ़कर जाता शख्स (रणजीत बच्चन का फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी फुटेज से करीबियों पर गहराया संदेह
पुलिस ने हजरतगंज चौराहे से ग्लोब पार्क, जनपथ मार्केट से दयानिधान पार्क के बीच करीब 15 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। इसमें कई लोग संदिग्ध दिखे हैं। इसमें रणजीत बच्चन के करीबी लोगों के साजिश में शामिल होने की आशंका की पुष्टि हो रही है। जनपथ मार्केट के सीसीटीवी कैमरे में रणजीत बच्चन की तरफ इशारा करते हुए एक धुंधली सी तस्वीर आई है। इसमें इशारे के बाद दो युवक बाहर की तरफ जाते हुए दिखे। वहां से करीब 300मीटर दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों की तस्वीर मिली है। जिसके आधार पर पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने हजरतगंज चौराहे से ग्लोब पार्क, जनपथ मार्केट से दयानिधान पार्क के बीच करीब 15 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। इसमें कई लोग संदिग्ध दिखे हैं। इसमें रणजीत बच्चन के करीबी लोगों के साजिश में शामिल होने की आशंका की पुष्टि हो रही है। जनपथ मार्केट के सीसीटीवी कैमरे में रणजीत बच्चन की तरफ इशारा करते हुए एक धुंधली सी तस्वीर आई है। इसमें इशारे के बाद दो युवक बाहर की तरफ जाते हुए दिखे। वहां से करीब 300मीटर दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में हमलावरों की तस्वीर मिली है। जिसके आधार पर पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है।