सात साल से चल रहे विवाद के बाद ससुराल पहुंची बुजुर्ग महिला, तीन दिन बाद मिली ऐसी दर्दनाक मौत
पति से चल रहा था बुजुर्ग महिला का विवाद
रेलवे से रिटायर वीरेंद्र सिंह का मकान रामजानकी नगर में है। बेटा नगर निगम में गाड़ी चलाता है और मकान के आगे के हिस्से में दुकान भी चलाता है। ऊपरी मंजिल में भी चहल पहल रहती है। वीरेंद्र सिंह का उनकी पत्नी चंदा से सात साल से पारिवारिक विवाद चल रहा था। तीन दिन पहले दोनों पक्षों में सुलह समझौता होने पर चंदा अपने पति के घर गईं। इसके पहले वह कभी बेटी के वहां तो कभी किराए पर कमरा लेकर रहती थीं। समझौते के अनुसार चंदा के पति को उन्हें घर में आधा हिस्सा और भरण पोषण के लिए छह हजार रुपये प्रति माह देना था। चंदा चाहती थीं कि उनके साथ मेंहदावल, संतकबीरनगर में ब्याही बेटी सोनी भी रहे। घर में लौटने के बाद वह अपनी बेटी सोनी के 14 साल के बेटे नैतिक को साथ ले आईं। तभी से चंदा और उनके नाती मकान के अपने हिस्से में रहते थे।
घर में आवाजाही बंद कर फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना पर पुलिस ने मकान में आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया। फोरेंसिक टीम के साक्ष्य जुटाने के बाद ही घर में किसी को एंट्री मिल सकी और फिर घर में पुलिस ने ताला बंद कर दिया ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ ना हो सके।
फर्श पर पड़ा था नैतिक, बिस्तर पर उसकी नानी
पुलिस जब घर में दाखिल हुई तो फर्श पर नैतिक का शव पड़ा था और बिस्तर पर बुजुर्ग महिला का। मौका-ए-वारदात को देखने से लग रहा था कि काफी संघर्ष हुआ था। पहले नाती को मारा गया और फिर नानी को। फिलहाल इसकी पुष्टि तो तब ही हो पाएगी जब असल मुल्जिम दबोच लिए जाएंगे।
अपराधी बीएन सिंह को पुलिस ने उठाया
कुछ महीने पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विपिन सिंह के मामा बीएन सिंह की बहन रचना से विशाल की शादी हुई थी। विशाल और रचना दोनों इस मामले में संदेह के घेरे में है। उधर, पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आपराधिक इतिहास और एक इंजीनियर को धमकी देने के मामले में बीएन सिंह को जेल भेजा था लेकिन इस समय वह जमानत पर बाहर है। इस घटना के बाद पुलिस बीएन सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।