गोरखपुर के चिउटहा पुल के पास मुठभेड़ में शार्प शूटर परवेज को पुलिस द्वारा चलाई गईं तीन गोलियां लगीं थीं। पोस्टमार्टम में पता चला है कि दो गोली सीने को तो एक गोली सिर को छेदते हुए निकली थी। उधर, पीपीगंज पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया जिसके बाद रात में ही वे आंबेडकर नगर लौट गए।
गोरखपुर एनकाउंटर: एसटीएफ की तीन गोलियों ने परवेज को कर दिया था ढेर, पोस्टमार्टम में हुआ ये खुलासा
पीपीगंज पुलिस परवेज के फरार साथी के बारे में जानकारी जुटा रही है। हालांकि, पुलिस को अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वह किसके साथ आया हुआ था। पुलिस का कहना है कि छानबीन के बाद जल्द ही साथी के बारे में जानकारी कर ली जाएगी।
अंडरवर्ल्ड डान जफर सुपारी का भाई है खान मुबारक
गोरखपुर में मारा गया परवेज खान मुबारक के लिए काम करता था। खान मुबारक अंडरवर्ल्ड डॉन जफर सुपारी का भाई है। उस पर 35 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस समय वह हरदोई जेल में बंद है।
गवाह की कर देता था हत्या
परवेज खान मुबारक के खिलाफ गवाही देने वाली की हत्या कर देता था। करीब डेढ़ साल पहले बसपा नेता जुरगाम की हत्या भी परवेज ने की थी। बताया जाता है कि जुरगाम भी खान मुबारक के खिलाफ चल रहे एक मामले में गवाही देने के लिए घर से निकले थे। इसी के बाद इस पर इनाम की राशि बढ़ा दी गई थी।
डेढ़ साल बाद पुलिस की गोली से मारा गया बदमाश
- 11 जनवरी 2020 को मेडिकल कॉलेज के पीछे मारा गया था बदमाश विपिन सिंह
- इसके बाद मुठभेड़ तो कई हुई, लेकिन सिर्फ पैर में लगती रही गोली