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मनीष हत्याकांड: जांच में एसआईटी के हाथ लगे अहम सुराग, आरोपियों की तलाश में दबिश
Mon, 04 Oct 2021 12:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 04 Oct 2021 12:01 PM IST
सार
अमेठी, लखनऊ, बलिया, गाजीपुर जनपदों में एसओजी समेत चार टीमों ने डेरा डाला। रामगढ़ताल थाने से मेडिकल तक जांच की गई, थाने की सरकारी बोलेरो भी कब्जे में लिया गया।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
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कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत मामले में दो दिनों से गोरखपुर में जांच कर रही कानपुर एसआईटी की टीम के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। बताया जा रहा कि शनिवार को ही होटल में जांच के दौरान खून के धब्बे, कर्मचारी के बयान से कई तथ्य मिल गए थे, जिससे एक बात साफ हो चुकी है कि होटल में 27 सितंबर की रात कुछ तो ऐसा हुआ था जिसे महज हादसा नहीं कहा जा सकता। एसआईटी ने शनिवार रात में ही गोरखपुर पुलिस से गिरफ्तारी में सहयोग मांग लिया था। खबर है कि गोरखपुर से पुलिस की चार टीमें आरोपियों की तलाश में निकल गई हैं। एक टीम इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह के अमेठी के पैतृक गांव तो दूसरी बलिया में अक्षय मिश्रा के घर और गाजीपुर में विजय यादव के घर गई है। एक टीम ने लखनऊ में भी डेरा डाला है।
मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, जांच के लिए कानपुर से आई एसआईटी टीम रविवार को रामगढ़ताल थाने में दोपहर 12.30 बजे पहुंची थी। करीब एक घंटे तक थाने में जांच की गई। इस दौरान जीडी में पुलिस वालों की रवानागी से लेकर अन्य पहलुओं की जांच की गई। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने उस रात इस्तेमाल की गई थानेदार की बोलेरो गाड़ी की सीट पर केमिकल डाला और उसे कब्जे में लेकर परिसर में खड़ा करा दिया। इसी गाड़ी से मनीष को अस्पताल ले जाया गया था, वहां से खून के धब्बे मिलने की सूचना है। एसआईटी टीम दोपहर करीब 1.50 बजे क्राइम ब्रांच के ऑफिस पहुंची और शाम 4.30 बजे तक वहां मौजूद रही। इस दौरान विवेचक से एक बार फिर जानकारी ली गई। अब तक की जांच में शामिल सभी पुलिस वालों से बारीकी से जानकारी हासिल करने के बाद टीम मानसी नर्सिंग होम गई। यहां करीब 20 मिनट तक पुलिस मौजूद रही। डॉक्टर ने स्टाफ द्वारा दी गई पल्स और ब्लड प्रेशर न मिलने की जानकारी एसआईटी को दी है।
मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
एसआईटी टीम रविवार शाम मेडिकल कॉलेज पहुंची। ट्रामा सेंटर के पूछताछ काउंटर पर रजिस्ट्रटर चेक किया, इमरजेंसी पर्ची काउंटर में जांच करने के बाद एसआईटी टीम प्राचार्य के पास पहुंची। बंद कमरे में जानकारी हासिल की। इस दौरान मनीष के आने का समय भी रिकॉर्ड में देखा। प्राचार्य के आवास से निकलने के बाद टीम फिर ट्रामा सेंटर गई। पुलिस सीसीटीवी कैमरे को दो दिन पहले ही लेकर गई थी। मेडिकल कॉलेज से लौटने के बाद टीम के सदस्यों ने फिर से मानसी नर्सिंग होम पहुंचकर जांच की।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
- फोटो : अमर उजाला।
डॉक्टर से नहीं हो पाई पूछताछ
जिस दिन पुलिस घायल मनीष गुप्ता को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची थी, उस दिन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर डॉक्टर अशोक यादव की ड्यूटी थी। वह रविवार को अपने गांव गए थे, जिस वजह से एसआईटी उनसे पूछताछ नहीं कर सकी। टीम उनसे मनीष के हालत के बारे में जानकारी लेना चाहती थी।
जिस दिन पुलिस घायल मनीष गुप्ता को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची थी, उस दिन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के तौर पर डॉक्टर अशोक यादव की ड्यूटी थी। वह रविवार को अपने गांव गए थे, जिस वजह से एसआईटी उनसे पूछताछ नहीं कर सकी। टीम उनसे मनीष के हालत के बारे में जानकारी लेना चाहती थी।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
- फोटो : अमर उजाला।
पंचनामा भरने वाले पुलिसकर्मी से जानकारी ली
एसआईटी ने सर्किट हाउस में रविवार सुबह पंचनामा भरने वाले दरोगा समेत दो पुलिस वालों को बुलाया था। उनसे भी अलग से शरीर पर चोट के बारे में जानकारी ली है। इसके अलावा उनसे कई अन्य सवाल किए।
सर्विलांस से आरोपियों की लोकेशन हासिल करने की कोशिश
सर्विलांस की मदद से इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह की लोकेशन जानने की कोशिश की जा रही है। मूलरूप से अमेठी के रहने वाले जगत नारायण का लखनऊ के चिनहट इलाके में भी मकान है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के मकान के साथ ही अमेठी के घर पर भी टीम ने जेएन सिंह की तलाश की। बताया जा रहा है कि लखनऊ के घर पर तो कोई नहीं मिला, लेकिन अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली के अढनपुर गांव स्थित जेएन सिंह के पैतृक घर में मिले परिवार के लोगों से टीम ने जेएन सिंह के बारे में पूछताछ की। घरवालों ने बताया कि वे घर नहीं आए हैं। उनसे आखिरी बार बात कब हुई है? इसके बारे में भी पुलिसवालों ने जानकारी ली और कुछ नंबर जुटाए। अमेठी गई पुलिस टीम के साथ मुसाफिरखाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा भी थे।
एसआईटी ने सर्किट हाउस में रविवार सुबह पंचनामा भरने वाले दरोगा समेत दो पुलिस वालों को बुलाया था। उनसे भी अलग से शरीर पर चोट के बारे में जानकारी ली है। इसके अलावा उनसे कई अन्य सवाल किए।
सर्विलांस से आरोपियों की लोकेशन हासिल करने की कोशिश
सर्विलांस की मदद से इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह की लोकेशन जानने की कोशिश की जा रही है। मूलरूप से अमेठी के रहने वाले जगत नारायण का लखनऊ के चिनहट इलाके में भी मकान है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के मकान के साथ ही अमेठी के घर पर भी टीम ने जेएन सिंह की तलाश की। बताया जा रहा है कि लखनऊ के घर पर तो कोई नहीं मिला, लेकिन अमेठी के मुसाफिरखाना कोतवाली के अढनपुर गांव स्थित जेएन सिंह के पैतृक घर में मिले परिवार के लोगों से टीम ने जेएन सिंह के बारे में पूछताछ की। घरवालों ने बताया कि वे घर नहीं आए हैं। उनसे आखिरी बार बात कब हुई है? इसके बारे में भी पुलिसवालों ने जानकारी ली और कुछ नंबर जुटाए। अमेठी गई पुलिस टीम के साथ मुसाफिरखाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा भी थे।