फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बहादुरी की सजा मौत: पिता को अब भी सता रहा लाडली की मौत का गम, इस वजह से बदमाशों ने ले ली थी जान

Fri, 29 Oct 2021 04:26 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Oct 2021 04:26 PM IST
विज्ञापन
Kajal murder case painful story of brutal murder of kajal singh in gorakhpur
काजल गोलीकांड।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दो महीने पहले काजल हत्याकांड से पूरा जिला दहल उठा था। पिता की पिटाई का वीडियो बना रही काजल को नाराज बदमाशों ने दौड़ाकर गोली मार दी थी। हजार कोशिश के बाद भी काजल ने गोली लगने के पांच दिन बाद लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। बहादुर बेटी जिंदगी की जंग हारकर जब गांव पहुंची तो पूरे गांव में चीत्कार गूंज रही थी। इलाके में मातम पसर गया था। एकलौती संतान की मौत का गम आज भी पिता को सता रहा है। जब भी बेटी के बारे में चर्चा होती है तो पिता फफक पड़ते हैं। उनका बिलखना देख कर हर किसी का कलेजा फट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि काजल हमेशा सबकी यादों में जिंदा रहेगी। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए कि दुलारी बेटी को कैसे मिला इंसाफ...
Kajal murder case painful story of brutal murder of kajal singh in gorakhpur
काजल गोलीकांड।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव के राजू नयन सिंह बांसगांव कचहरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनका विजय प्रजापति से रुपये के लेनदेन का विवाद था। 20 अगस्त की रात विजय प्रजापति अपने चार साथियों के साथ आया और दरवाजा खुलवाया। राजू नयन के बाहर आते ही दबंगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। काजल पिता की पिटाई का वीडियो बनाने लगी।
 
Kajal murder case painful story of brutal murder of kajal singh in gorakhpur
मृत काजल व आरोपी विजय की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
इस पर विजय प्रजापति उग्र हो गया और उसे दौड़ाकर पेट में गोली मार दी थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस घायल काजल को स्वास्थ्य केंद्र फिर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची। अधिक रक्तस्राव होने के कारण मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Kajal murder case painful story of brutal murder of kajal singh in gorakhpur
काजल हत्याकांड।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
लखनऊ में 23 अगस्त को काजल का ऑपरेशन भी हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। पेट में फंसी गोली को नहीं निकाला जा सका। ऐसे में 25 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
 
विज्ञापन
Kajal murder case painful story of brutal murder of kajal singh in gorakhpur
काजल हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
काजल की मौत के बाद इस मामले को लेकर पूरे देश में एक मुहिम छिड़ गई थी। लोग सोशल मीडिया पर काजल को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रहे थे। वहीं ग्रामीणों ने भी गोरखपुर-वाराणसी मार्ग को बंद कर घेराव किया था। इन सभी की मेहनत रंग लाई और पुलिस ने 9 सितंबर की रात मुठभेड़ में मुख्य आरोपी विजय प्रजपति को मार गिराया। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed