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पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल थे रणजीत बच्चन, हत्याकांड में तीन शूटर पुलिस के निशाने पर
Tue, 04 Feb 2020 05:34 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 04 Feb 2020 05:34 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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लखनऊ में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या के तार गोरखपुर व आसपास के जिलों में भी तलाशे जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया था, जिससे पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
रणजीत बच्चन की पत्नी कालिंदी शर्मा।
- फोटो : amar ujala
जानकारी के मुताबिक मूलत: गोला क्षेत्र में अहिरौली गांव के लाला टोला निवासी तारा लाल श्रीवास्तव के पुत्र रणजीत बच्चन की लखनऊ के हजरतगंज में रविवार को सुबह मार्निंग वाक करने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी।
उनके साथ मौजूद डेयरी रेलवे कॉलोनी, शाहपुर निवासी सत्येंद्र श्रीवास्तव घायल हो गए हैं। रणजीत बच्चन, गोरखपुर में शाहपुर क्षेत्र के भेडिय़ागढ़ मोहल्ले में किराये के मकान में रहने वाले बड़े भाई के साथ रहते थे। गुलरिहा क्षेत्र के पतरका टोले में आश्रम बनवा रहे थे।
उनके साथ मौजूद डेयरी रेलवे कॉलोनी, शाहपुर निवासी सत्येंद्र श्रीवास्तव घायल हो गए हैं। रणजीत बच्चन, गोरखपुर में शाहपुर क्षेत्र के भेडिय़ागढ़ मोहल्ले में किराये के मकान में रहने वाले बड़े भाई के साथ रहते थे। गुलरिहा क्षेत्र के पतरका टोले में आश्रम बनवा रहे थे।
यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व रणजीत बच्चन।
- फोटो : amar ujala
बच्चन के अतीत की मांगी थी जानकारियां
हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने गोरखपुर पुलिस से रणजीत बच्चन के अतीत के बारे में जानकारियां मांगी थी। गोरखपुर में उनका किसी से विवाद तो नहीं था, यदि हां तो किस तरह का विवाद था या फिर लेनदेन का विवाद तो नहीं है। इस बिंदु पर रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को भेजी गई है।
हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने गोरखपुर पुलिस से रणजीत बच्चन के अतीत के बारे में जानकारियां मांगी थी। गोरखपुर में उनका किसी से विवाद तो नहीं था, यदि हां तो किस तरह का विवाद था या फिर लेनदेन का विवाद तो नहीं है। इस बिंदु पर रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को भेजी गई है।
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
पुश्तैनी संपत्ति से बेदखल किए गए थे रणजीत
रणजीत बच्चन के बड़े भाई राजेश श्रीवास्तव गोरखपुर में रहते हैं। रविवार को हत्या की सूचना पर वह देर शाम को लखनऊ पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में राजेश ने बताया कि रणजीत बच्चन काफी आजाद ख्याल का था। उससे परिवार के लोग संबंध नहीं रखना चाहते थे। उनसे ही बातचीत व मुलाकात होती थी। जरूरत के मुताबिक कालिंदी भी उनसे संपर्क करती थी।
राजेश ने बताया कि काफी पहले रणजीत बच्चन को पुश्तैनी संपति से बेदखल करने का नोटिस जारी किया गया था। उसे समाचार पत्रों में भी प्रकाशित करा दिया था। इसके बाद भी दोनों के बीच संबंध पहले जैसे ही बने रहे।
रणजीत बच्चन के बड़े भाई राजेश श्रीवास्तव गोरखपुर में रहते हैं। रविवार को हत्या की सूचना पर वह देर शाम को लखनऊ पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में राजेश ने बताया कि रणजीत बच्चन काफी आजाद ख्याल का था। उससे परिवार के लोग संबंध नहीं रखना चाहते थे। उनसे ही बातचीत व मुलाकात होती थी। जरूरत के मुताबिक कालिंदी भी उनसे संपर्क करती थी।
राजेश ने बताया कि काफी पहले रणजीत बच्चन को पुश्तैनी संपति से बेदखल करने का नोटिस जारी किया गया था। उसे समाचार पत्रों में भी प्रकाशित करा दिया था। इसके बाद भी दोनों के बीच संबंध पहले जैसे ही बने रहे।
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
रणजीत से मिलने गए थे अभिषेक व ज्योति
घटना से पहले महराजगंज के अभिषेक और ज्योति से रणजीत व आदित्य की मुलाकात हुई थी। अभिषेक और ज्योति नौकरी के सिलसिले में ही रणजीत से मिलने लखनऊ गए थे। उन्हें अगले दिन ही नोएडा जाना था। यही वजह है कि पुलिस नौकरी के नाम पर पैसे के लेन-देन को भी जांच के दायरे में रखी है।
घटना से पहले महराजगंज के अभिषेक और ज्योति से रणजीत व आदित्य की मुलाकात हुई थी। अभिषेक और ज्योति नौकरी के सिलसिले में ही रणजीत से मिलने लखनऊ गए थे। उन्हें अगले दिन ही नोएडा जाना था। यही वजह है कि पुलिस नौकरी के नाम पर पैसे के लेन-देन को भी जांच के दायरे में रखी है।