गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के रामपुर टप्पा गांव में एक दशक पहले जमीन खरीदकर अपना घर बनवाने वाले महेंद्र शुक्ला अब इसे बेचकर गांव से जाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने घर के बाहर बोर्ड भी लगा दिया है। वह बेटे की हत्या से सहमे हैं।
गोरखपुर: अंकुर हत्याकांड से सहमा परिवार, घर बेचने का लगाया बोर्ड
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, बोले-आरोपियों को मिल रहा संरक्षण
बीते जून महीने में रात में कुछ लोग महेंद्र के घर में घुस गए थे। अवधेश साहनी नाम के एक युवक को पकड़ा गया। उसे पुलिस को सौंपते हुए रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी गई। लेकिन तत्कालीन एसओ जेएन सिंह ने दबाव डालकर समझौता करा दिया।
महेंद्र शुक्ला के बड़े पुत्र राहुल ने बताया कि करीब 20 दिन तक थाने दौड़ाया गया। अंत में पुलिस ने हमें ही आरोपी की पिटाई करने के जुर्म में जेल भेजने की धमकी देना शुरू कर दिया। मजबूरी में 32 हजार रुपये देकर समझौता करना पड़ा।
राहुल का कहना है कि इसके बाद तो आरोपियों ने ऐसी हालत कर दी कि अपने घर जाने में भी डर लगने लगा। करीब दो महीने पहले मैंने पत्नी के साथ रामपुर टप्पा का घर छोड़ दिया और शहर के दूसरे मोहल्ले में किराए का कमरा लेकर रहना शुरू कर दिया। इसके बाद भी परिवार की दुश्वारियां कम नहीं हुईं।
बीते बुधवार को छोटे भाई अंकुर की दिनदहाड़े धारदार हथियार व ईंट आदि से प्रहार कर हत्या कर दी गई। इस मामले में चार लोगों पर नामजद केस दर्ज हुआ। राहुल का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी पुलिस आरोपित पक्ष की हमदर्द बनी हुई है। ऐसे में यहां रहने पर परिवार के बाकी सदस्यों की जान को भी खतरा है। इसलिए अब यह घर बेचकर कहीं और जाने में ही भलाई प्रतीत हो रही है।
एसओ को दावा, दे रहे पूरी सुरक्षा
रामगढ़ताल थाने के एसओ सुशील कुमार शुक्ला का कहना है कि हत्या की वारदात के बाद से ही गांव में दो कांस्टेबल व चार होमगार्ड तैनात हैं। परिवार को जब तक सुरक्षा की जरूरत महसूस होगी, पुलिसकर्मी वहां मौजूद रहेंगे। पुलिस पर लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार हैं। हमारे लगातार प्रयास का ही परिणाम है कि एक अपराधी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष दो आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
अंकुर शुक्ला की हत्या के लिए पुलिस जिम्मेदार: विनय शंकर
अंकुर शुक्ला की निर्मम हत्या केवल पुलिस की लापरवाही का परिणाम है। इस घटना की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। ये बातें चिल्लूपार विधायक विनय शंकर तिवारी ने कहीं। वे शनिवार को अंकुर के पिता महेंद्र शुक्ला व भाई राहुल से मिलने उनके घर पहुंचे थे। विधायक ने कहा कि जून में पकड़े गए आरोपियों पर अगर ईमानदारी से कार्रवाई होती तो शायद अंकुर के साथ ऐसी वारदात नहीं होती। पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य कर रही है। आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जगह उन्हें अपने संरक्षण में कोर्ट में सरेंडर करवाया जा रहा है। विधायक ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है।