फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Nirbhaya Case: कौन है निर्भया कांड का दोषी पवन गुप्ता, बचाव के कई दलीलों के बावजूद अब दूर नहीं फांसी

Tue, 03 Mar 2020 07:37 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 03 Mar 2020 07:37 AM IST
विज्ञापन
Nirbhaya Case death row convict pawan gupta in Nirbhaya Case latest update
निर्भया केसः पवन गुप्ता बस्ती जिले का रहने वाला है। - फोटो : अमर उजाला।

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर सड़क पर फेंक दिया गया था। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले छह दरिंदों में एक उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला पवन गुप्ता उर्फ कालू भी शामिल था। गौरतलब है कि पवन अपने आप को बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहा है लेकिन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दोषी पवन गुप्ता की सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव याचिका) खारिज कर दी है। अब उसे जल्द ही फांसी पर लटाया जा सकता है।

Nirbhaya Case death row convict pawan gupta in Nirbhaya Case latest update
निर्भया केसः निर्भया का दोषी पवन गुप्ता - फोटो : सोशल मीडिया

जिस चलती बस में छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ था, उस समय पवन भी अपने दोस्तों के साथ उसी बस में था। वह बस्ती जिले के जगन्नाथपुर का निवासी है। उसके परिवार के लोग तो दिल्ली के आरकेपुरम रविदास कैंप में रहते हैं। पवन के बचपन के दोस्त और अन्य युवक बताते हैं कि कालू को क्रिकेट का बहुत शौक था। उसने महादेवा में नमकीन बनाने की फैक्ट्री खोली लेकिन वह चल नहीं पाई। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और वहां जूस का व्यवसाय करने लगा।

Nirbhaya Case death row convict pawan gupta in Nirbhaya Case latest update
निर्भया केसः बाएं निर्भया की मां, दाएं निर्भया का दोषी पवन। - फोटो : अमर उजाला

पवन के पिता, दादी और बहन आदि परिवार के सदस्य आरकेपुरम इलाके में उसके साथ संत रविदास कैंप में रहते थे। उसकी बहन और दादी ने 2017 में फांसी की सजा के बाद अदालत और कानून पर टिप्पणी की थी। दोनों का मानना था कि उन्हें न्याय पाने के लिए प्रयास करने का मौका नहीं दिया गया। पवन के चाचा भी दिल्ली में रहकर काम करते हैं। निर्भया कांड के बाद पवन की मां की मौत पर पिता एक बार अपने गांव जगन्नाथपुर आए थे, लेकिन वह क्रिया-कर्म के बाद लौट गए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Nirbhaya Case death row convict pawan gupta in Nirbhaya Case latest update
निर्भया केसः निर्भया का दोषी पवन गुप्ता का महादेवा चौराहे के पास बना घर। - फोटो : अमर उजाला।
दो भाई व दो बहन में सबसे बड़ा पवन दुकानदारी के अलावा ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा था। पिता ने यहां लालगंज थाने के महादेवा चौराहे के पास गांव में भी जमीन ली थी और उस पर मकान बनवाना शुरू किया था, मगर 16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद से काम ठप हो गया।
विज्ञापन
Nirbhaya Case death row convict pawan gupta in Nirbhaya Case latest update
निर्भया केसः पूरा देश पवन को फांसी पर लटाकाने की मांग कर रहा है। - फोटो : अमर उजाला
मौजूदा समय में वह खंडहर जैसा दिखता है। निचली अदालत ने 10 सितंबर 2013 में जब उसे फांसी की सजा सुनाई तो गांव में लोगों ने समर्थन किया लेकिन दादी ने उसके छूटने की बात की थी। 13 मार्च 2014 में हाईकोर्ट व 27 मार्च 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा बरकरार रखी। अब क्यूरेटिव याचिका को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed