आठ साल के इंतजार के बाद एक प्रेमी युगल का प्यार परवान चढ़ने ही वाला था कि कोरोना संकट का ग्रहण लग गया। पहले घर वाले शादी के लिए तैयार नहीं थे, बहुत मनाने पर वह तैयार भी हुए तो पूरे देश में लॉकडाउन हो गया।
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प्रेमी युगल राहुल और श्वेता।
- फोटो : अमर उजाला।
यह कहानी गोरखपुर जिले की है। यहां लखनापार गांव के रहने वाले शीतल मिश्रा के बेटे राहुल और भाटपार गांव के स्व. रमेश की पुत्री श्वेता त्रिपाठी की शादी 18 मई को पक्की हुई थी। राहुल लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करते हैं और श्वेता एक स्कूल में अध्यापक हैं। दोनों परिवार के लोग पूरे जोरों से शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। इस बीच कोरोना ने सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
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प्रेमी युगल राहुल और श्वेता।
- फोटो : अमर उजाला।
राहुल ने बताया कि 2012 में किसी दोस्त ने श्वेता से मिलवाया और दोनों को पहली नजर में प्यार हो गया। पहले फोन पर बातें शुरू हुईं और फिर मिलने का सिलसिला। इसके बारे में जब परिवार वालों को पता चला तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया। यही हाल श्वेता के साथ भी हुआ।
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प्रेमी युगल राहुल और श्वेता।
- फोटो : अमर उजाला।
परिवार में रोकटोक होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने-अपने घर वालों को मनाने में जुटे रहे। ऐसा करते हुए लगभग आठ साल गुजर गए। राहुल और श्वेता दोनों ही घर के छोटे हैं, ऐसे में घर वालों ने उनके सच्चे प्यार को समझते हुए शादी के लिए हां कर दी।
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प्रेमी युगल राहुल और श्वेता।
- फोटो : अमर उजाला।
राहुल ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से बड़े भाई थाईलैंड में फंसे हुए हैं। ऐसे में घर की आखिरी शादी धूमधाम से करना चाहते हैं, जिसमें सभी लोग अपनी मौजूदगी में आशीर्वाद दें। अब शादी की अगली तिथि नंवबर में रखी गई है, उम्मीद है तब तक देश में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।