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कोरोनावायरस की अफवाह से यह उद्योग हुआ तबाह, दाम कम करने पर भी नहीं हो रही खरीदारी

Sat, 07 Mar 2020 07:36 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 07 Mar 2020 07:36 PM IST
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Coronavirus rumored to destroy poultry industry in Gorakhpur
Coronavirus - फोटो : अमर उजाला।

कोरोनावायरस का भय व अफवाह ऐसी फैली की पोल्ट्री उद्योग तबाही के कगार पर पहुंच गया। जो मुर्गा थोक व्यापारी 95 से 100 रुपये में उठाते थे, वे अब 30 से 40 रुपये में देने को तैयार हैं। इससे पोल्ट्री उद्योग चरमरा गया है। जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। इलाहीबाग में तो मुर्गे का मीट 60 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। इससे पहले प्रति किलोग्राम 160 से 180 रुपये था।

Coronavirus rumored to destroy poultry industry in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

उद्योग से जुड़े डॉ. अजय रावत ने बताया कि उनके पास चूजा पैदा करने वाला हेचरी फार्म है। पशुपालन विभाग की कुक्कुट विकास नीति के तहत हेचरी फार्म स्थापित किया। इसका संचालन पशुपालन विभाग की निगरानी में होता है। इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तमाम परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। कोरोना की अफवाह ऐसी फैली कि तमाम लोग सड़क पर आ गए। प्रति किलोग्राम मुर्गा तैयार करने में 80 से 85 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

 

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Coronavirus - फोटो : सोशल मीडिया।

मुनाफा एक किलो ग्राम पर 10 से 15 रुपये मुश्किल से मिलता है। अन्य लाभ छोटे छोटे दुकानदार व काटने वाले उठाते हैं। सच यह है कि शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया की मदद से अफवाह फैलाई है। कोरोना वायरस का मुर्गे से कुछ लेना देना है। कई स्थानों पर निशुल्क चिकन बनाकर खिलाया गया तो किसी को कोई फर्क नही पड़ा। पानी के 100 डिग्री तापमान पर चिकन पकता है। ऐसे में कोई वायरस नहीं जिंदा रह सकता है।

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Coronavirus - फोटो : सोशल मीडिया।
अफवाह लोगों को कर रही तबाह
पूर्वांचल हैचरी एंड ब्रिडर एसोसिएशन के अध्यक्ष आत्रेय सिंह ने कहा कि अफवाह ने पोल्ट्री कारोबार को तबाह कर दिया है। अफवाह से पहले जो चूजा 35 रुपये में बिकता था आज उसे कोई खरीदने वाला नही है। फार्म से  एक किलोग्राम का मुर्गा 95 रुपये में बिकता था और दुकान पर उसका मीट 160 से 180 रुपये प्रति किलोग्राम में बिकता था, वह अब 60 से 80 रुपये का हो गया। केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह का बयान आया है कि चिकन, अंडा, मछली खाने से कोई नुकसान नही है। इसे पकाकर लोग खाएं।
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कोरोना वायरस - फोटो : ANI
मुर्गी पालक आ गए हैं रोड पर
शालीमार हैचरी के प्रोपराइटर मोहम्मद सैफुद्दीन कहते हैं कि अफवाहों ने पूरे पोल्ट्री सेक्टर बैठने के कगार पर है। मुर्गा का रेट धराशाई हो गया। मक्का किसान भी परेशान हैं। मक्का ही मुर्गियों को खाने के लिए दिया जाता है। जिन दुकानों पर चार पांच क्विंटल मुर्गा बिकता था वह दुकानें बद हो गई हैं। मुर्गा पालक साल में दो दिन का इंतजार करता था न्यू ईयर और होली का। इन दो दिनो में मुर्गा खूब बिकता था। होली सिर पर है लेकिन माल डंप है, उसे खरीदने वाला नही है।

डॉ. अतुल पशुपालन विभाग ने कहा कि कोई भी वायरस 70 डिग्री तापमान में जिंदा रह ही नहीं सकता है। इस नाते वह दावे के साथ कह सकते हैं कि मुर्गा खाने से कोरोना वायरस नही होगा। अपने वहां 100 डिग्री तापमान पर चिकन पकाया जाता है।
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