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Gorakhpur News: रिटायर्ड रेल अधिकारी से 10 करोड़ दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी
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- जमीन की बकाया रकम दिलाने के नाम पर दिया झांसा, करणी सेना का प्रदेश सचिव बताने वाले पर प्राथमिकी
- रुपये मांगने पर गालीगलौज, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी
गोरखपुर। शाहपुर इलाके में 75 वर्षीय सेवानिवृत्त रेल अधिकारी से जमीन की बकाया रकम दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि खुद को करणी सेना का प्रदेश सचिव बताने वाले आरोपी सर्वेश सिंह ने डॉक्टर से जमीन की बकाया 10 करोड़ रुपये की रकम दिलाने का भरोसा दिया था। शाहपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्राथमिकी दर्ज कर कर जांच शुरू कर दी है।
जेल बाईपास रोड स्थित जंगल मातादीन निवासी सीताराम ने जनता दरबार में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि पत्नी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इलाज के लिए हुए कर्ज के चलते उन्होंने 15 अप्रैल को अपनी 38 डिसमिल जमीन और मकान शहर के एक डॉक्टर को बेच दिया था। आरोप है कि डॉक्टर ने तय कीमत की आधी रकम ही दी और दो महीने तक सामान मकान में रखने की अनुमति दी। इसी दौरान मई के प्रथम सप्ताह में उनकी मुलाकात सर्वेश सिंह से हुई।
सीताराम का आरोप है कि सर्वेश ने खुद को करणी सेना का प्रदेश सचिव बताते हुए थाना और प्रशासन में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने डॉक्टर से बकाया 10 करोड़ रुपये दिलाने की बात कहते हुए 15 लाख रुपये मांगे। बातचीत के बाद सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ। चार मई को पीड़ित ने आरोपी को 10 लाख रुपये का चेक दे दिया।
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आरोप है कि अगले दिन सर्वेश तीन अन्य लोगों के साथ जमीन पर पहुंचा। इनमें दो की पहचान कुशीनगर के पूर्व पंचायत सदस्य रविंद्र और अनुराग के रूप में हुई। आरोपियों ने मकान का ताला तोड़कर दूसरा ताला लगा दिया। अगले दिन पीड़ित को शाहपुर थाने बुलाया गया। वहां बातचीत के दौरान उसे ठगी का एहसास हुआ। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
पीड़ित ने स्थानीय चौकी और थाने के बाद उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शाहपुर पुलिस ने शनिवार को सर्वेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि प्रार्थनापत्र के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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- रुपये मांगने पर गालीगलौज, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी
गोरखपुर। शाहपुर इलाके में 75 वर्षीय सेवानिवृत्त रेल अधिकारी से जमीन की बकाया रकम दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि खुद को करणी सेना का प्रदेश सचिव बताने वाले आरोपी सर्वेश सिंह ने डॉक्टर से जमीन की बकाया 10 करोड़ रुपये की रकम दिलाने का भरोसा दिया था। शाहपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्राथमिकी दर्ज कर कर जांच शुरू कर दी है।
जेल बाईपास रोड स्थित जंगल मातादीन निवासी सीताराम ने जनता दरबार में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि पत्नी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। इलाज के लिए हुए कर्ज के चलते उन्होंने 15 अप्रैल को अपनी 38 डिसमिल जमीन और मकान शहर के एक डॉक्टर को बेच दिया था। आरोप है कि डॉक्टर ने तय कीमत की आधी रकम ही दी और दो महीने तक सामान मकान में रखने की अनुमति दी। इसी दौरान मई के प्रथम सप्ताह में उनकी मुलाकात सर्वेश सिंह से हुई।
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सीताराम का आरोप है कि सर्वेश ने खुद को करणी सेना का प्रदेश सचिव बताते हुए थाना और प्रशासन में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने डॉक्टर से बकाया 10 करोड़ रुपये दिलाने की बात कहते हुए 15 लाख रुपये मांगे। बातचीत के बाद सौदा 10 लाख रुपये में तय हुआ। चार मई को पीड़ित ने आरोपी को 10 लाख रुपये का चेक दे दिया।
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आरोप है कि अगले दिन सर्वेश तीन अन्य लोगों के साथ जमीन पर पहुंचा। इनमें दो की पहचान कुशीनगर के पूर्व पंचायत सदस्य रविंद्र और अनुराग के रूप में हुई। आरोपियों ने मकान का ताला तोड़कर दूसरा ताला लगा दिया। अगले दिन पीड़ित को शाहपुर थाने बुलाया गया। वहां बातचीत के दौरान उसे ठगी का एहसास हुआ। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
पीड़ित ने स्थानीय चौकी और थाने के बाद उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शाहपुर पुलिस ने शनिवार को सर्वेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि प्रार्थनापत्र के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।