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पंचायत चुनाव का दुष्प्रभाव : यूपी के इन गांवों में घुसा कोरोना वायरस, बढ़ी चुनौती
Tue, 27 Apr 2021 12:03 PM IST
vivek shukla
संतोष सिंह, गोरखपुर।
संतोष सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 27 Apr 2021 12:03 PM IST
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना वायरस ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। सबसे ज्यादा संक्रमण गोरखपुर जिले के गोला, बांसगांव, सहजनवां, चौरीचौरा, पाली, खोराबार और कैंपियरगंज विकास खंड से संबंधित गांवों में है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ी है। प्रशासनिक अफसर भी चिंतित हैं।
पंचायत चुनाव(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में पहले चरण का पंचायत चुनाव 15 अप्रैल को हुआ था। 20 विकास खंडों के 1299 ग्राम पंचायतों व 68 जिला पंचायत वार्डों में वोट डाले गए। गांव से आकर गोरखपुर शहर में बसने वाले भी बड़ी संख्या में वोट डालने गए। देश के दूसरे शहरों व विदेशों में रहने वाले ग्रामीणों को बुलाकर वोट डलवाए गए। इसी का नतीजा रहा कि 18 अप्रैल से ही ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ गई।
कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
15 अप्रैल को 24 घंटे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 345 मरीज मिले थे वहीं 18 अप्रैल को यह आंकड़ा बढ़कर 494 हो गया। 21 और 22 अप्रैल को तो शहर से भी ज्यादा मरीज ग्रामीण क्षेत्रों में मिले हैं। यही नहीं, पंचायत चुनाव के बाद से ही शहर में भी संक्रमण की गति बढ़ी है, क्योंकि शहर में रहने वाले ज्यादातर लोग गांव से जुड़े हैं। सब वोट डालने गए थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
पंचायत चुनाव कराकर लौटे तमाम सरकारी कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं। लोक निर्माण विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी व शिक्षकों की मौत भी हो गई है। स्वास्थ्य महकमे की ओर से मौत का जो आंकड़ा जारी किया जाता है उसमें ग्रामीण क्षेत्रों के कोरोना संक्रमित भी रहते हैं। बांसगांव के सामाजिक कार्यकर्ता ध्रुव कुमार सिंह ने इसी सिलसिले में जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा है। ध्रुव का कहना है कि बांसगांव में संक्रमण तेजी से बढ़ा है। प्रशासन की तरफ से किसी तरह की देखभाल या व्यवस्था नहीं बनाई जा रही है। यही हाल रहा तो हर घर में कोरोना संक्रमित मिलेंगे। मौत का आंकड़ा भी बढ़ जाएगा।
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पंचायत चुनाव(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
थाईलैंड से भी बुलाए गए मतदाता
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के लिए थाईलैंड से भी तमाम लोग बुलाए गए थे। गोरखपुर के रहने वाले लोग थाईलैंड में रहकर कमाते हैं। शहर से गांव जाकर मतदान करने वालों की संख्या भी ज्यादा रही है। मुंबई, दिल्ली, सूरत, पुणे, चंडीगढ़, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से भी सगे-संबंधियों या फिर ग्रामीणों को बुलाकर मतदान कराया गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के लिए थाईलैंड से भी तमाम लोग बुलाए गए थे। गोरखपुर के रहने वाले लोग थाईलैंड में रहकर कमाते हैं। शहर से गांव जाकर मतदान करने वालों की संख्या भी ज्यादा रही है। मुंबई, दिल्ली, सूरत, पुणे, चंडीगढ़, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से भी सगे-संबंधियों या फिर ग्रामीणों को बुलाकर मतदान कराया गया है।