राहत की खबर: वैक्सीन ने बचा दी 35 लोगों की जिंदगी, आईसीयू में हो गए थे कोरोना संक्रमित
उन्होंने कहा कि राहत की बात यह रही है कि टीम के सभी सदस्यों ने हेल्थ वर्कर के तौर पर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा रखी थी। इसका नतीजा यह रहा कि कोरोना वायरस का असर शरीर पर बेहद कम हुआ। इनमें 32 लोगों ने घर पर रहकर ही कोरोना से जंग जीत ली। इसमें मैं खुद भी शामिल था। अगर वैक्सीन न लगी होती तो कईयों की जान जा सकती थी।
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से तीन लोगों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी। लेकिन अच्छी बात यह रही है कि इन लोगों ने वैक्सीन लगवा रखी थी। इसकी वजह से इन्हें खतरा कम हुआ। एहतियात के तौर पर डॉक्टरों की टीम इनका इलाज करती रही, लेकिन कोई भी अत्यधिक गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा।
बीपी और शुगर के मरीज भी थे
कोरोना संक्रमण का शिकार हुए 35 लोगों में कुछ को शुगर और बीपी की शिकायतें भी थी। इसके बाद भी वह आसानी से कोरोना से जंग जीत लिए। अगर वैक्सीन नहीं लगती तो स्थितियां बिगड़ सकती थी।
वैक्सीन न लगती तो कईयों की चली जाती जान
डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अगर वैक्सीन न लगी होती तो कईयों की जान जा सकती थी। वैक्सीन की वजह से लोगों में संक्रमण का असर बेहद कम हुआ। सीटी वैल्यू केवल तीन मरीजों की 20 के नीचे रहीं। जबकि अन्य मरीजों की सीटी वैल्यू 25 के आसपास थी। इसका सीधा मतलब यह था कि यह लोग ज्यादा गंभीर नहीं हुए।