गोरखपुर जिले के करीब 12 लाख से अधिक बच्चों को अगले माह कोविड का तोहफा मिल सकता है। पहले चरण में बीमार बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगाई जाएगी। इसकी तैयारी भी लगभग शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सामान्य नागरिकों के 90 प्रतिशत टीकाकरण के बाद बच्चों को टीका लगने की शुरुआत हो सकती है। अगले माह विभाग इस लक्ष्य को पूरा कर लेगा।
जानकारी के मुताबिक, कोविड टीकाकरण की संभावित तीसरी लहर में विशेषज्ञ बच्चों को ज्यादा खतरा बता रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार भी बच्चों के वैक्सीन पर तेजी से काम कर रही है। दो टीके का ट्रायल भी देश भर में हो चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से टीकाकरण को मंजूरी भी मिल चुकी है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
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कोरोना टीका।
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कोवैक्सीन का टीकाकरण शामिल हैं। इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारी भी शुरू हो गई है। हालांकि अभी 0 से 6 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभी कुछ भी नहीं हो सका है। जबकि इस उम्र के छह लाख के आसपास बच्चे हैं। वही, दूसरी ओर छह से 18 साल के बच्चों की संख्या करीब 12 लाख है।
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कोरोना वैक्सीन
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पहले चरण में बीमार बच्चों को लगाई जाएगी वैक्सीन
पहले चरण में उन बच्चों को टीका लगाया जाएगा, जो बीमार होंगे। उन बच्चों की विभाग सूची भी तैयार करने में जुट गया है। इसके लिए आशा, एएनएम की मदद ली जा रही है। इनमें दिव्यांग से लेकर अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चे भी शामिल किए गए हैं।
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कोरोना टीका।
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1600 के आसपास बच्चे हो चुके हैं संक्रमित
कोरोना की दूसरी लहर में जिले के करीब 1600 से अधिक बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। इनमें आठ बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि 90 प्रतिशत बच्चे संक्रमण से जंग जीत चुके हैं। इसके अलावा सीरो सर्वे में भी यह बात सामने आ चुकी है कि जिले के 81 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी बनी है।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर विभाग की तैयारी पूरी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले माह बच्चों की वैक्सीन आ जाए। तब तक विभाग सामान्य टीकाकरण के लक्ष्य को भी हासिल कर लेगा। बच्चों के लिए स्पेशल बूथ भी बनाए जाएंगे, जिससे की उन्हें बच्चों और अभिभावकों को कोई दिक्कत न हो।