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जरूर हारेगा कोरोना: एक साल बाद भी कोरोना से जंग जारी, जानिए कितने लोग गवां चुके हैं जान

Sun, 21 Mar 2021 01:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 21 Mar 2021 01:50 PM IST
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corona special story after one year  from gorakhpur
गोरखपुर कोरोना। - फोटो : अमर उजाला।

31 मार्च 2020 को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गोरखपुर और बस्ती मंडल का पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला था। इसके 26 दिन बाद जिले में पहला मरीज मिला जो एक सप्ताह तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहा। ठीक होने के एक महीने बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद से मरीजों के पॉजिटिव मिलने का सिलसिला बढ़ता गया। फिर क्या था कोरोना ने महामारी का रूप ले लिया। 22 मार्च 2020 को पहला जनता कर्फ्यू लगा। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए। एक तरफ दिल दहला देने वाले मंजर थे तो दूसरी ओर कोरोना योद्धाओं के रूप में खड़े डॉक्टर। जिनके बल पर कोरोना से जंग जीतने में काफी हद तक कामयाबी मिली। लेकिन इस बीच डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी खुद भी संक्रमित हो गए। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उनके अथक परिश्रम के बल पर कोरोना पर काफी हद तक काबू पाया गया। लेकिन एक बार फिर लोगों की लापरवाही से कोरोना वापसी की राह दिख रही है। इसके बाद भी लोगों को भरोसा है कि जारी जंग के बीच कोरोना जरूर हारेगा।



 

corona special story after one year  from gorakhpur
corona - फोटो : अमर उजाला।

कोरोना महामारी को लगभग एक साल पूरे हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी हमें इससे पूरी तरह छुटकारा नहीं मिला है। गोरखपुर शहर में 26 अप्रैल को पहला मरीज मिलने के बाद यह सिलसिला रुका ही नहीं। एक साल में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 21526 पहुंच गया। इसमें 21117 मरीज ठीक हो चुके हैं। 366 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। एक्टिव केस अब भी 43 बने हुए हैं। फरवरी महीने में उम्मीद जगी थी कि कोरोना अब लगभग खत्म हो जाएगा। लेकिन मार्च महीने में जिस तरह से केस बढ़ रहे है, उससे विभाग के सामने फिर से मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

 

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गोरखपुर कोरोना। - फोटो : अमर उजाला।

सितंबर में मिले थे सर्वाधिक मरीज
कोरोना महामारी के लिहाज से सितंबर, 2020 का महीना सबसे खतरनाक रहा। इस महीने में महामारी से मौतें भी सबसे ज्यादा हुईं। साथ ही सबसे अधिक मरीज भी इसी माह में मिले थे। सितंबर में संक्रमितों की संख्या 6198 थी। इसमें 119 लोगों की मौत भी हुई। इसके बाद से विभाग बेहद चिंतित हो गया था। लेकिन जैसे ही महीना बदला। यह आंकड़े आधे पर आ गए। अक्तूूबर में यह संख्या घटकर 3222 हो गई। नवंबर में 1127 जबकि दिसंबर में 937 संक्रमितों की संख्या रही।

 

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गोरखपुर कोरोना। - फोटो : अमर उजाला।

एक लाख सात हजार लोगों को लगी वैक्सीन
कोरोना टीकाकरण की शुरुआत जब 16 जनवरी से की गई तो यह रफ्तार बेहद धीरे थी। इस दिन हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाई गई। उस दिन 25 हेल्थ वर्कर को टीका लगाया गया। 20 हजार फ्रंटलाइन वर्करों के लिए टीकाकरण की शुरुआत चार फरवरी से की गई। इसके बाद टीकाकरण में थोड़ी तेजी आई। 60 साल से उपर आम आदमी और 45 से 49 वर्ष के बीमार लोगों को तीन मार्च से टीका लगना शुरू हुआ तो यह संख्या करीब एक लाख सात हजार के आसपास पहुंच गई है। इस पर विभाग ने थोड़ी राहत की सांस ली है।
 

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गोरखपुर कोरोना। - फोटो : अमर उजाला।

शाहपुर थाना क्षेत्र के हॉट-स्पॉट ने उड़ा दी थी नींद
बीते एक साल में शाहपुर थाना क्षेत्र में सबसे अधिक मरीज हैं। यहां पर सबसे ज्यादा हॉट-स्पॉट बनाए गए थे। प्रशासन के सामने इस क्षेत्र में संक्रमण रोकना बड़ी चुनौती बन गई थी। एहतियात के तौर पर इस थाना क्षेत्र में प्रशासन को लॉकडाउन खत्म होने के बाद एक सप्ताह तक अलग से लॉकडाउन लगाना पड़ा। तब जाकर कुछ हद तक संक्रमण नियंत्रण में आ सका।
 

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