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कोरोना : बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है वायरस की दूसरी लहर, बचाव के लिए डॉक्टरों ने दी ये खास सलाह

Mon, 19 Apr 2021 12:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 19 Apr 2021 12:21 PM IST
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corona virus Second wave dangerous for children
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PTI
कोरोना वायरस की दूसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। अब तक मिले 12-15 प्रतिशत बच्चे संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इनकी उम्र एक साल से लेकर 16 माह के बीच है। हालांकि राहत की बात यह है कि 99 प्रतिशत बच्चे घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं। साथ ही अब तक किसी भी बच्चे की जान संक्रमण की वजह से नहीं गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वायरस का असर इस बार इन पर ज्यादा है।
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BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता मेहता के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब तक केवल तीन बच्चे संक्रमण की चपेट में आने से भर्ती हैं। इनकी उम्र 14 से 16 के बीच मे है जबकि अब तक जो भी बच्चे संक्रमण का शिकार हुए हैं, वह घर पर ही रहकर ठीक हो जा रहे हैं। कई नवजात शिशु भी संक्रमण की चपेट में आए हैं, लेकिन उन्हें कोई दवा नहीं देनी पड़ी। 12 साल से अधिक उम्र वाले बच्चों के लिए कुछ दवाएं चलाई जाती हैं, वह भी बेहद सीमित मात्रा में। विभागाध्यक्ष बताती हैं कि इस बार बच्चे संक्रमण की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि लोग बच्चों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही वजह है कि इस बार 12 से 15 प्रतिशत बच्चे अब तक संक्रमित हो चुके हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
पांच साल से कम उम्र के बच्चों पर दें ज्यादा ध्यान
डॉ. अनीता मेहता ने बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों और शिशुओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अगर आपके बच्चे को सर्दी-खांसी या बुखार है तो सबसे पहले उसकी केस हिस्ट्री पर ध्यान दीजिए। अगर उसे सर्दी-खांसी की शिकायत पहले भी होती रही है, अगर बच्चा कहीं बाहर नहीं गया है, किसी बाहरी व्यक्ति से मिला-जुला नहीं है, घर का कोई सदस्य कहीं बाहर नहीं गया है या कहीं यात्रा से वापस नहीं आया है, तो इसका मतलब है कि उसे कोरोना वायरस होने की आशंका कम है। वह भी संक्रमित हो सकता है। इसलिए बच्चों को बाहर न जाने दें और पिछली बार की तरह खुद लॉकडाउन समझकर बाहर न जाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
तीन संक्रमितों ने स्वस्थ बच्चे को दिया जन्म
कोरोना वायरस के कारण गर्भवती स्त्रियों के भ्रूण में पल रहे शिशुओं को कोई खतरा नहीं है। इसका खुलासा पिछले साल हो चुका है। पिछले साल 140 से अधिक संक्रमित महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन इसमें एक भी बच्चा गर्भ में संक्रमित नहीं निकला था। इस साल 17 अप्रैल को तीन पॉजिटिव महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया। तीनों बच्चे संक्रमण का शिकार नहीं हुए हैं। डॉ. अनीता ने बताया कि तीनों बच्चों की हालत एकदम ठीक है। मासूम संक्रमित नहीं हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इस तरह से करें बचाव
  • बच्चों और गर्भवतियों को घर के आसपास भी न जाने दें।
  • घर में हर व्यक्ति अपने हाथों को हमेशा साफ रखें और मास्क का इस्तेमाल करें।
  • अभी बच्चों को किसी के साथ खेलने न दें। घर में अगर बुजुर्ग हैं और किसी को सर्दी-खांसी है तो उनसे दूरी बनाकर रखना जरूरी है।
  • बच्चों को पौष्टिक आहार दें। गर्भवती महिलाएं अपने पोषण पर खास ध्यान दें। शरीर को हाइड्रेट रखें और बीच-बीच में पानी पीते रहें।
  • सुबह के समय घर के बरामदे या बालकनी में बच्चे और गर्भवती महिला 30 मिनट धूप में बिताएं।
  • बच्चों को छूने से पहले व बाद में हाथों की अच्छी तरह सफाई करें। स्पर्श करने वाली सभी सतहों की सफाई करें।
  • अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है तो उसे हल्की-फुल्की कसरत और योग करने के लिए प्रेरित करें।
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