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गोरखपुर दौरा: राष्ट्रपति के दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने जांची आयुष विवि के शिलान्यास की तैयारी, कहा- कोई कमी नहीं रहनी चाहिए
Wed, 25 Aug 2021 10:19 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 25 Aug 2021 10:19 AM IST
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गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर जिले के भटहट ब्लॉक स्थित पिपरी में बनने जा रहे राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय का 28 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शिलान्यास करेंगे। इस समारोह को भव्य और यादगार बनाने के लिए राष्ट्रपति के आगमन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सभी तैयारियों का जायजा लिया। मंगलवार की दोपहर मुख्यमंत्री लखनऊ से हेलीकॉप्टर से सीधे समारोह स्थल पर बने हेलीपैड पर पहुंचे। इसके पहले पांच अगस्त को भी मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर, तैयारियां देखी थीं।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
बच्चों-युवाओं को देख रुक गए मुख्यमंत्री, पूछा कोई दिक्कत तो नहीं?
शिलान्यास समारोह की तैयारियों का निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री जब हेलीपैड की तरफ बढ़ रहे थे, तभी उनकी नजर समूह में जुटे बच्चों और युवाओं पर पड़ गई। चिर परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए योगी कुछ देर के लिए वहीं रुक गए। बड़े ही आत्मीयता से मुख्यमंत्री ने पूछा, कैसे हैं आप लोग? कोई दिक्कत तो नहीं? कोई परेशानी हो तो बेहिचक बताइएगा। बच्चों ने कुछ कहने के बजाए तालियों और जय श्रीराम के उद्घोष से उनका अभिवादन किया।
शिलान्यास समारोह की तैयारियों का निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री जब हेलीपैड की तरफ बढ़ रहे थे, तभी उनकी नजर समूह में जुटे बच्चों और युवाओं पर पड़ गई। चिर परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए योगी कुछ देर के लिए वहीं रुक गए। बड़े ही आत्मीयता से मुख्यमंत्री ने पूछा, कैसे हैं आप लोग? कोई दिक्कत तो नहीं? कोई परेशानी हो तो बेहिचक बताइएगा। बच्चों ने कुछ कहने के बजाए तालियों और जय श्रीराम के उद्घोष से उनका अभिवादन किया।
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे प्रदेश के सभी आयुष कॉलेज
52 एकड़ भूमि पर बनने जा रहे राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी व योग चिकित्सा की पढ़ाई और शोध कार्य होगा। इन विधाओं से यहां चिकित्सा भी सुलभ होगी। क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रकाश चंद्र के मुताबिक प्रदेश के आयुष विधा के सभी 94 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद के 67 (आठ सरकारी व 58 निजी), यूनानी के 15 (दो सरकारी व 13 निजी) तथा होम्योपैथी के 12 कॉलेज (नौ सरकारी व तीन निजी) अलग -अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं। इसके चलते इन आयुष कॉलेजों के डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कुछ भिन्नता रहती है। आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध होने से सभी कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता रहेगी और सत्र नियमन भी संभव होगा। मुख्यमंत्री योगी आयुष विश्वविद्यालय में आयुष कॉलेजों की संबद्धता एवं अन्य प्रशासनिक कार्य सत्र 2021-22 से एवं विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य सत्र 2022-23 से प्रारंभ करने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। गोरखपुर में इस विश्वविद्यालय के खुलने से पूर्वांचल की छह करोड़ से अधिक जनता को चिकित्सा का एक और बेहतर विकल्प मिलेगा।
52 एकड़ भूमि पर बनने जा रहे राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय में आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी व योग चिकित्सा की पढ़ाई और शोध कार्य होगा। इन विधाओं से यहां चिकित्सा भी सुलभ होगी। क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रकाश चंद्र के मुताबिक प्रदेश के आयुष विधा के सभी 94 कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद के 67 (आठ सरकारी व 58 निजी), यूनानी के 15 (दो सरकारी व 13 निजी) तथा होम्योपैथी के 12 कॉलेज (नौ सरकारी व तीन निजी) अलग -अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं। इसके चलते इन आयुष कॉलेजों के डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कुछ भिन्नता रहती है। आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध होने से सभी कॉलेजों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता रहेगी और सत्र नियमन भी संभव होगा। मुख्यमंत्री योगी आयुष विश्वविद्यालय में आयुष कॉलेजों की संबद्धता एवं अन्य प्रशासनिक कार्य सत्र 2021-22 से एवं विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य सत्र 2022-23 से प्रारंभ करने के निर्देश पहले ही दे चुके हैं। गोरखपुर में इस विश्वविद्यालय के खुलने से पूर्वांचल की छह करोड़ से अधिक जनता को चिकित्सा का एक और बेहतर विकल्प मिलेगा।
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गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
आयुष विश्वविद्यालय केलिए छह करोड़ जारी
लखनऊ। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्याल गोरखपुर के निर्माण कार्य के लिए प्रथम किश्त के रूप में छह करोड़ 11 हजार रुपया जारी कर दिया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने आदेश जारी कर दिया है। आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर वित्त समिति ने दो अरब 67 करोड़ 50 लाख 56 हजार की मंजूरी दी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रथम किस्त के रूप छह करोड़ 11 हजार जारी किया गया है। विश्वविद्यालय की भूमि के समतलीकरण व अन्य कार्य के लिए 13 अगस्त को 399.89 लाख जारी किया जा चुका है। ऐसे में अब कुल जारी धनराशि 10 करोड़ हो चुकी है। मिट्टी भराई कार्य में 50 फीसदी कार्य ग्राम विकास विभाग के सहयोग से मनरेगा के जरिए होगा। शेष मिट्टी खरीदी जाएगी। इसी तरह ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल गैस पाइप लाइन संबंधित कार्य की गुणवत्ता जांच निदेशक आयुर्वेद करेंगे।
लखनऊ। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्याल गोरखपुर के निर्माण कार्य के लिए प्रथम किश्त के रूप में छह करोड़ 11 हजार रुपया जारी कर दिया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने आदेश जारी कर दिया है। आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर वित्त समिति ने दो अरब 67 करोड़ 50 लाख 56 हजार की मंजूरी दी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रथम किस्त के रूप छह करोड़ 11 हजार जारी किया गया है। विश्वविद्यालय की भूमि के समतलीकरण व अन्य कार्य के लिए 13 अगस्त को 399.89 लाख जारी किया जा चुका है। ऐसे में अब कुल जारी धनराशि 10 करोड़ हो चुकी है। मिट्टी भराई कार्य में 50 फीसदी कार्य ग्राम विकास विभाग के सहयोग से मनरेगा के जरिए होगा। शेष मिट्टी खरीदी जाएगी। इसी तरह ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल गैस पाइप लाइन संबंधित कार्य की गुणवत्ता जांच निदेशक आयुर्वेद करेंगे।
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गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
इसी सत्र से शुरू हो जाएगी 100 सीटों पर बीएएमएस की पढ़ाई
इंस्टीट्यूट में इसी सत्र से 100 सीटों पर बीएएमएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके अलावा बीएससी व एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसी सत्र से डिप्लोमा इन लैब टेक्निशियन, डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री, डिप्लोमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्निशियन और डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर टेक्निशियन की भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय में एमबीबीएस, बी फार्मा, डी फार्मा, पैरामेडिकल कोर्सेस, बीएससी यौगिक, बीएससी आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले दर्जनों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी।
इंस्टीट्यूट में इसी सत्र से 100 सीटों पर बीएएमएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके अलावा बीएससी व एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एएनएम, जीएनएम में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसी सत्र से डिप्लोमा इन लैब टेक्निशियन, डिप्लोमा इन ऑप्टोमेट्री, डिप्लोमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन डायलिसिस टेक्निशियन और डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर टेक्निशियन की भी प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय में एमबीबीएस, बी फार्मा, डी फार्मा, पैरामेडिकल कोर्सेस, बीएससी यौगिक, बीएससी आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले दर्जनों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी।