सिद्धार्थनगर जिले में कई दशकों के बाद बाढ़ ने इतनी तबाही मचाई है। बाढ़ की विभीषिका में उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी मदद की है। हर पीड़ित के साथ हमारी संवदेना है। आपदा में सरकार आपके साथ है, सभी प्रकार की सहायता की जाएगी। सभी का जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है। राप्ती नदी स्थिर है। अन्य नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ में हमारे जनप्रतिनधि और अधिकारी पूरी प्रतिबद्यता ईमानदारी से लगे हैं। अब जल जनित बीमारियों से बचाने की पूरी कोशिश होगी।
सिद्धार्थनगर दौरा: सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, बोले- बाढ़ से बचाया, बीमारी से भी बचाएंगे
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में जिनके मकान ध्वस्त हो गए हैं, उन्हें 95 हजार रूपया सहायता तत्काजल मुहैया कराई जाएगी। जिनके मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें सहायता दी जाएगी। जिनके मकान धारा में विलीन हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास दिया जाएगा। बाढ़ में जिनकी मृत्यु हुई है, उनके परिजन को चार लाख रूपया आर्थिक सहायता दी जाएगी। जहरीले जंतुओं के काटने के बाद उपचार के लिए अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जिले में बाढ़ प्रभावित 200 गांवों में राहत कार्य जारी है। 400 गांवों के किसानों के फसलों का नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक चौधरी अमर सिंह, विधायक श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविंद माधव, लालजी त्रिपाठी, अरूणा मिश्रा, सरोज शुक्ला मौजूद थे।
जब हम हैं साथ तो क्या बाढ़, क्या महामारी
मीडिया से संवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ के त्रासदी में निराश होने की आवश्यकता नहीं है। जिंदगी फिर पटरी पर आएगी। हम साथ है, बाढ़ और महामारी जैसे संकट को हरा देंगे। जिन घरों में पानी भरा है, वहां खाने का पैकेट, पेयजल व्यवस्था करें। जिन्हें जरूरत हो एलपीजी सिलेंडर भिजवाएं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में लोगों को गर्म पानी के सेवन के लिए जागरूक करें। प्रकाश के लिए पेट्रोमैक्स व अन्य साधनों की व्यवस्था करें। जब बाढ़ का पानी नीचे उतरेगा तब स्वास्थ्य, पंचायत व नगर विकास को सतर्क रहना होगा। वहां स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता का कार्य करना होगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी, सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक डुमरियागंज राघवेन्द्र प्रताप सिंह, आयुक्त बस्ती मण्डल बस्ती गोविन्द राजू एनएस, जिलाधिकारी दीपक मीणा मौजूद थे। जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह और ब्लॉक प्रमुख मान्ती शक्तिमणि त्रिपाठी व शशिकला ओझा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान भाजपा नेता उपेंद्र सिंह, नरेंद्र मणि त्रिपाठी, लवकुश ओझा, राजू श्रीवास्तव, अभयराम पाण्डेय, संतोष पासवान, अशोक अग्रहरि, गौरव मिश्रा, लालजी शुक्ला, सुनील पाठक, रमेश पाण्डेय, अजय पाण्डेय, शंभूप्रसाद अग्रहरि, राजीव अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
छत, दीवार और पेड़ पर चढ़े लोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। सीएम के आने के पहले कड़ी सुरक्षा के चलते ग्रामीण मकान की छतों, दीवारों और पेड़ पर चढ़ गए। चिलचिलाती धूप और उमस भी जनता के उत्साह को कम नहीं कर पाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के दौरान उनके हेलीकॉप्टर की आवाज आसमान में गूंजी तो लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। सहियापुर नवीन मंडी स्थल में पहुंचते ही गगनभेदी नारों के बीच सीएम के उतरते ही लोग मकान की छत, दीवार और पेड़ों पर चढ़कर बैठ गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शनिवार की रात अचानक जिला प्रशासन के पास कार्यक्रम आया। पहले हैलीपैड मंडी में बना था। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एवं डीएम दीपक मीणा ने निरीक्षण के दौरान इस हैलीपैड को उपयुक्त नहीं माना। उसके बाद रात में ही पीडब्लूडी के अधिकारियों को हल्लौर स्थित सेंट थामस स्कूल में हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। अंतिम समय तक अफसर पसीना बहाते नजर आए। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ ही नगर पंचायत ईओ शिवकुमार, एसडीएम त्रिभुवन समेत अन्य अफसर पूरी रात कार्यक्रम की तैयारियों में लगे रहे। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर घर के छतों और सड़क पर पुलिसकर्मी मुस्तैद दिखाई दिए। कार्यक्रम स्थल पर आईजी एके राय खुद मौजूद थे