योगी आदित्यनाथ के प्रदेश का मुख्यमंत्री के बनने के बाद से गोरखपुर में विकास कार्यों की तरजीह मिली है। इस दौरान जहां पुरानी परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है वहीं तमाम नई परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से कई अब बनकर तैयार होने वाली हैं। नगर निगम को अपना भवन मिलने वाला है तो रामगढ़ ताल को नया स्वरूप प्रदान किया गया है। तमाम सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। आयुर्वेद विश्वविद्यालय और वेटनरी कॉलेज की नींव जल्द ही पड़ने वाली है। सैनिक स्कूल, पुलिस ट्रेनिंग और पीएसी महिला बटालियन के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। वाटर स्पोर्ट्स का हब बनाने के लिए रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। ऐतिहासिक शहीद स्मारकों और प्राचीन मंदिरों का सुंदरीकरण किया जा रहा है, ताकि यहां पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
पर्यटन के साथ वाटर स्पोर्ट्स का केंद्र बनेगा रामगढ़ ताल, तेजी से हो रहा है शहर का विकास
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नगर निगम: 2021 में मिलेगा नया भवन
नए साल में नगर निगम का नया सदन तैयार हो जाएगा। शासन ने नई बिल्डिंग के लिए करीब 23.45 करोड़ रुपये को मंजूरी दी है। सदन सात मंजिला होगा, जिसमें तीन मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग होगी। कुल 90 हजार वर्ग फीट में भवन का निर्माण होगा।
नए साल में गोरखपुर में प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा लहराने लगेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और एयरफोर्स से क्लियरेंस मिलने के बाद 246 फीट ऊंचे इस तिरंगे के लिए तैयार खंभे को क्रेन की मदद से खड़ा कर दिया गया है। अभी प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा गाजियाबाद के मुखर्जी पार्क में लगा है, जिसकी ऊंचाई 211 फीट है। 15 किलोमीटर की दूरी से इस तिरंगे को देखा जा सकेगा। 196 करोड़ की लागत से रामगढ़ ताल के सुंदरीकरण एवं प्रदूषण नियंत्रण व संरक्षण का काम पूरा हो जाने के बाद यह ताल शहर का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है।
जल्द पूरा हो जाएगा गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन
असुरन से मेडिकल कॉलेज होते हुए महराजगंज तक 31.45 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण जल्द पूरा हो जाएगा। 567.49 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क के चौड़ा हो जाने से शहरी क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा। मेडिकल कॉलेज तक मरीज आसानी से पहुंच सकेंगे तो महराजगंज का सफर आसान होगा। इस सड़क के दिसंबर 2020 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है, जबकि भटहट के पास पुल का निर्माण मार्च 2021 तक पूरा होगा। शहरी भाग में मॉडल रोड का भी निर्माण कराया जा रहा है। सड़क के बीच में पॉम के पेड़ विशेष आकर्षक का केंद्र हैं।
मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन: सोनौली का सफर होगा आसान
250 करोड़ 95 लाख की लागत से बन रहे मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन का काम अगले साल पूरा हो जाएगा। इसके बन जाने से गोरखनाथ क्षेत्र से बरगदवां तक की दो लाख से अधिक आबादी को जाम से राहत मिल जाएगी। गोरखपुर से सोनौली का सफर आसान हो जाएगा। मार्ग का निर्माण कार्य सितंबर महीने तक 78 फीसदी पूरा हो चुका है, जबकि 179 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं।