फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chhath puja: नहाय-खाय से शुरू हुआ चार दिनों का छठ महापर्व, तस्वीरों में देखिए गोरखपुर वासियों का उत्साह

Tue, 09 Nov 2021 09:35 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 09 Nov 2021 09:35 AM IST
सार

व्रती महिलाओं ने सुबह जलाशयों और घरों में किया स्नान, शाम को कद्दू चावल का प्रसाद बना व्रतियों ने किया ग्रहण, आज रखेंगी निर्जल खरना व्रत

विज्ञापन
Chhath puja of four days started in gorakhpur
गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।

चार दिनों के छठ महापर्व की शुरुआत सोमवार को नहाय-खाय से हो गई। घरों में छठ व्रत करने वाली माताओं ने विधि-विधान से नहाय-खाय की रस्म निभाई। माताएं मंगलवार को खरना से उपवास शुरू करेंगी। बुधवार को अस्ताचलगामी और बृहस्पतिवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। इस बीच छठ पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए सोमवार को पूरे दिन बाजार में चहल-पहल रही। प्रमुख बाजार छठ के सामानों से पटे रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने छठ व्रत की खरीदारी की।



चार दिनों तक चलने वाले छठ पूजा के पहले दिन सोमवार को व्रती माताओं ने सुबह जलाशयों और घरों में स्नान के बाद शाम को कद्दू चावल पकाकर खाया। नहाय-खाय के दौरान कई घरों में छठ गीत गाये गए। श्रद्धापूर्वक माताओं ने पूरे दिन त्योहार की तैयारी की। बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानों पर रौनक देखते ही बनी। छठ घाटों पर पूरे दिन चहल-पहल रही। श्रद्धालुओं के साथ नगर निगम की टीम और स्वयं सेवक घाटों की व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे रहे। शहर के सूर्यकुंड धाम, गोरखनाथ, महेसरा घाट, राजघाट, तकिया घाट, रामगढ़ ताल आदि स्थानों में बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा की वेदी बनाते नजर आए।

 

Chhath puja of four days started in gorakhpur
गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।

शहर में तैयार हुए अस्थायी घाट
शहर की विष्णु मंदिर, गीता वाटिका, शाहपुर, विष्णुपूरम, बौलिया कॉलोनी, कूड़ाघाट, सूबा बाजार, बशारतपुर,  रुस्तमपुर, राप्तीनगर, जाफरा बाजार, भेड़ियागढ़, सहारा इस्टेट, सिविल लाइंस आदि इलाकों में लोगों ने घरों के आगे अस्थायी घाट बनाकर तैयार किए हैं। कुछ लोगों ने घर के पास छोटा सा गड्ढा खोदकर उसमें पानी भर लिया है। बुधवार की शाम व्रती महिलाएं छोटे से अस्थायी घाटों से अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देंगी।

 

Chhath puja of four days started in gorakhpur
गोरखपुर में छठ पूजा। - फोटो : अमर उजाला।

कोसी भरने की तैयारी में जुटे श्रद्धालु
घर में किसी मांगलिक आयोजन या किसी मन्नत के पूरा होने के बाद छठ पर कोसी भरी जाती है। शहर के विभिन्न मोहल्लों के घरों में कोसी भरने की तैयारी है। इसे लेकर इन परिवारों में जोरों से तैयारी चल रही है। घर पर कोसी भरने में उपयोग में लाया जाने वाला मिट्टी का हाथी, कलश, दीये, गन्ना, फल आदि सामान जुटाने में लोग लगे हैं। घर की साफ-सफाई भी की जा रही है।

बाजारों में रौनक
शहर के धर्मशाला बाजार, असुरन चौक, आर्यनगर, घंटाघर, मोहद्दीपुर, गोरखनाथ, बेतियाहाता,  रेती रोड, नौसड़ सहित महेवा थोक मंडी में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। लोगों ने पूजन सामग्री खरीदी। सभी सामान सामान्य दामों पर मिल रहे हैं, बिना मौसम के कुछ फल महंगे हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Chhath puja of four days started in gorakhpur
गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।

खरना आज
व्रती महिलाएं मंगलवार को निर्जल खरना व्रत रखेंगी। शाम को स्वच्छता से धुले स्थान पर चूल्हे को स्थापित कर अक्षत धूप, दीप और सिंदूर से उसकी पूजा करेंगी। इसके बाद प्रसाद के लिए रखे गए आटे से रोटी और साठी के चावल का खीर बनाएंगी। इसके बाद खरना किया जाएगा। यही रोटी और खीर खाने के बाद छठ व्रत शुरू हो जाएगा, जो बृहस्पतिवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न होगा।

छठ पूजा का महत्व
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि छठ व्रत रोगों से मुक्ति, संतान के सुख और समृद्धि में वृद्धि के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत रखने से मनोकामना जरूर पूरी होती है। जिसकी मनोकामना पूरी होती है, वह कोसी भरते हैं। बहुत से लोग घाटों पर दंडवत पहुंचते हैं।

 

विज्ञापन
Chhath puja of four days started in gorakhpur
गोरखपुर में छठ। - फोटो : अमर उजाला।

रामायण काल से हुआ व्रत का आरंभ
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, मान्यता है कि भगवान सूर्य और माता छठ को समर्पित छठ व्रत का शुभारंभ रामायण काल से हुआ। माता सीता ने इस व्रत को अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए किया था। द्रोपदी के छठ व्रत के परिणाम स्वरूप पांडवों को राजपाट वापस मिला था।

लोगों ने क्या कहा...
ससुराल के सभी सदस्यों की छठ माता में गहरी के आस्था है। माता सभी मुरादें पूरी करती हैं। बेटा होने के बाद से ही व्रत रखती हूं और आगे भी यह व्रत करती रहूंगी।- मीना चंद, रानीबा
भगवान भाष्कर और छठ माता में गहरी आस्था है। ससुराल में सासु मां को व्रत करते देखा था, तो मेरी भी इच्छा थी कि मैं भी इस व्रत को करुं। सालों से छठ व्रत को कर रही हूं। -अनुराधा मिश्रा, रुस्तमपुर
दिवाली पर्व खत्म होने के साथ ही छठ मैया के पर्व को लेकर घर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। छठ के सामानों की खरीदारी चल रही है। इस बार भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा।- नंदिता सिंह, दुर्गा चौक
छठ माता सभी मनोकामनाओं को पूरी करती हैं। आजतक जो भी माता से मांगा वह मिला है। शादी के बाद से छठ का व्रत कर रही हूं, आगे भी छठ व्रत का सिलसिला जारी रहेगा।- मधु मिश्रा, पादरी बाजार

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed