रेलवे के इतिहास में शायद पहली बार हो रहा है कि होली के बाद ट्रेनों में टिकट के लिए मारामारी की स्थिति नहीं है। कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही गोरखपुर से मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और दक्षिण भारत की तरफ जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार कम हो रही है। सैर करने वालों ने प्रोग्राम रद्द कर दिया है और दर्शन के लिए जाने वाले भी टिकट कैंसल करा रहे हैं।
रेलवे के इतिहास में पहली बार: होली के बाद टिकट के लिए नहीं हो रही मारामारी, आरक्षण से ज्यादा हो रहे कैंसल
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रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण केंद्र पर रोजाना 100 से ज्यादा टिकट कैंसल हो रहे हैं। जबकि ऑनलाइन टिकट रद कराने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है। कॉलेज में पढ़ने वाले सैकड़ों छात्रों ने भी होली के बाद दिल्ली, मुंबई जाने का विचार त्यागकर टिकट कैंसिल करा लिया है। स्थिति यह है कि गोरखपुर से दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग काफी कम है। दिल्ली जाने वाली कुछ ट्रेनों की कुछ श्रेणियों में तो बर्थ भी उपलब्ध है।
होली के बाद पांव रखने की जगह नहीं होती थी
होली के दो सप्ताह बाद तक गोरखपुर से जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी। लेकिन इस बार उल्टा हो गया है। मुंबई और दिल्ली से आने वाली ट्रेनें तो पैक आ रही हैं। लेकिन गोरखपुर से जाने वाली ट्रेनें में स्थिति सामान्य है।
आरक्षण केंद्रों पर नहीं लग रही लाइन
रेलवे के आरक्षण केंद्रों पर भीड़ कम हो गई है। टिकट बुक कराने से कहीं ज्यादा कैंसल कराने वाले पहुंच रहे हैं। किसी काउंटर पर दो तो किसी काउंटर पर चार यात्री नजर आ रहे हैं।