अमर उजाला की 75वीं वर्षगांठ मंगलवार को गीडा दफ्तर में हर्षोल्लास से मनाई गई। इस दौरान केक काटा गया और अखबार की गौरवपूर्ण यात्रा को याद किया गया। गौरव दिवस के रूप में शानदार जश्न मनाते हुए स्टाफ ने एक-दूसरे को बधाई दी। सभी ने अमर उजाला को नई ऊंचाइयों पर लेने जाने का संकल्प लिया।
Gaurav Diwas: गोरखपुर में केक काटकर मनाई गई अमर उजाला की 75वीं वर्षगांठ, ऊंचाई पर ले जाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में अमर उजाला के कर्तव्य योगियों के साथ उनकी पत्नी और बच्चे भी शरीक हुए। उन्हें खबर एकत्र करने के तरीके से लेकर पेज की साज-सज्जा के तरीके तक बताए गए। अखबार छपने की प्रक्रिया भी बताई गई। अखबार को कितनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से प्रकाशित किया जाता है, इसे जानने के लिए महिलाएं और बच्चे बहुत उत्साहित थे। महिलाओं और बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता के तहत कई रोचक सवाल भी पूछे गए। सही जवाब देने वाले को पुरस्कृत किया गया।
बोले परिवारजन, अमर उजाला से जुड़ा है भावनात्मक रिश्ता
मोनी ने कहा कि बारिश, धूप, ठंड सभी मौसम में पापा घर में नहीं रुकते हैं, हर परिस्थिति में ऑफिस जाते हैं। उनके काम के प्रति इस तरह के समर्पण से हमें प्रेरणा मिलती है। अमर उजाला से एक भावनात्मक रिश्ता है।
कालिंदी गुप्ता ने कहा कि पीसीसी का काम करती हूं। जब फील्ड में जाती हूं तब पता चलता है कि लोग अमर उजाला को कितना पसंद करते हैं। यहां काम करके गर्व की अनुभूति होती है।
अविका सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जब सभी चीजों पर प्रतिबंध था, उस समय अमर उजाला अखबार के माध्यम से सभी खबरें मिल रही थीं। इसमें अखबार के स्टाफ का अहम योगदान था।
अक्षत सिंह ने कहा कि कोरोना काल में बहुत से लोगों की नौकरी छूट गई। उस विपरीत परिस्थिति में भी अमर उजाला ने कर्मचारियों का विशेष ध्यान रखा। कर्मचारियों की नौकरी बची रही।
इशिता राय ने कहा कि अमर उजाला की खबरें बहुत अच्छी लगती हैं। पेज की डिजाइनिंग अच्छी होती है। जो भी खबरें छपती हैं उस पर पूरा विश्वास रहता है कि सही ही होंगी।
सृष्टि सिंह ने कहा कि अमर उजाला अखबार बहुत अच्छा लगता है। कर्मचारियों का विशेष ख्याल रखा जाता है। अमर उजाला के इस कार्यक्रम में शामिल होकर अच्छा लग रहा है।
बच्चों ने अपने हाथों में लिया न्यूज रूम का कार्यभार
अमर उजाला के गौरवमयी 75 वर्ष के जश्न में शामिल बच्चों के लिए मंगलवार का दिन यादगार बन गया। परिवार के साथ गीडा स्थित अखबार के कार्यालय पहुंचे बच्चे बुधवार के अंक के लिए संपादकीय टीम का हिस्सा बने। सभी बच्चों ने पहले उत्सुकतापूवर्क अखबार बनाए जाने प्रक्रिया समझी। संपादक समेत अन्य वरिष्ठजनों से सवाल करके खबरे संपादित करने, उसका महत्व तय करने और अखबार में उसे कैसे और किस जगह लगाया, इस बारे में जाना, फिर न्यूज रूम का कार्यभार अपने हाथ में ले लिया।
संपादक की भूमिका में अमिष और अद्विक राय ने साथियों के साथ महत्वपूर्ण खबरों पर चर्चा की। न्यूज एडिटर की भूमिका में सृष्टि सिंह ने खास खबरों की जानकारी दी। डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर शताक्क्षी और हरितिमा पांडेय ने खबरों के बारे में विस्तार से बताया। आर्यन और अविका सिंह ने भी अपनी बात रखी।