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अभिनेता ने शाहीन बाग के प्रदर्शन पर उठाए सवाल, बोले-ज्यादातर नहीं जानते ये आंदोलन क्यों?

Mon, 03 Feb 2020 10:40 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Mon, 03 Feb 2020 10:40 PM IST
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Actor Akhilendra Mishra shares his views on the CAA and NRC protest in Shaheen Bagh delhi
दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन पर बोलते फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
समाज में कई विचारधाराएं परोसी जा रही है। ऐसे में सोचने की जरूरत है कि कौन सी ऐसी बातें हैं जो देश और समाज के लिए उपयोगी हैं। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर लोगों को ये पता ही नहीं है कि वो आंदोलन कर क्यों रहे हैं। इसके पीछे की मूल वजह अशिक्षा है। जो पढ़े-लिखे हैं वो इनकी अगुवाई कर रहे हैं। मुठ्ठी भर लोगों का फैलाया भ्रम ही भटकाव की जड़ में है।
Actor Akhilendra Mishra shares his views on the CAA and NRC protest in Shaheen Bagh delhi
फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
ये बातें रविवार को 90 के दशक में चंद्रकांता सीरियल में अहम किरदार निभाने वाले क्रूर सिंह के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र ने कहीं। वे लिटरेरी फेस्ट में भागीदारी के लिए गोरखपुर आए थे। अमर उजाला के संवाददाता से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि एनआरसी और सीएए के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। बुद्धिजीवी लोग अपनी सोच को उनपर थोपकर उन्हें बरगला रहे हैं।

कहा कि जब तक हमारी नई पीढ़ी या हमारा समाज सांस्कृतिक चेतना को लेकर जागरूक नहीं होगा। तब तक समाज में बदलाव नहीं होगा। बच्चों को सही दशा और दिशा नहीं मिल रही है, भटकाव हो गया है। ऐसे बच्चों को कैसे पता चलेगा की सच्चाई क्या है? जब तक समाज में सांस्कृतिक चेतना नहीं होगी। तब तक आप कितना भी संविधान-संविधान चिल्ला लें, वह किसी की समझ में नहीं आएगा।
Actor Akhilendra Mishra shares his views on the CAA and NRC protest in Shaheen Bagh delhi
गोरखपुर लिटरेरी फेस्ट में फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र व उपस्थित लोग। - फोटो : अमर उजाला
‘निकल ले अक्ल से आगे, ये चिराग-ए-राह है मंजिल नहीं’
अखिलेंद्र ने लोगों को चेतना का इस्तेमाल करने की सलाह दी। बताया कि मो. इकबाल ने कहा है कि ‘निकल ले अक्ल से आगे, ये चिराग-ए-राह है मंजिल नहीं’। चेतना के इस्तेमाल से ही समाज से भेदभाव, भ्रष्टाचार, दुष्कर्म आदि कुरीतियां खत्म होंगी। महर्षि अरविंद ने कहा था बुद्धि मनुष्य की चरमोत्कर्ष पर पहुंच चुकी है।

बुद्धि का प्रयोग विध्वंसक होगा, जरूरत है बुद्धि से जो आगे है उसका उपयोग किया जाए। बुद्धि के आगे क्या है चेतना। चाहे ये खेमा हो या वो खेमा हो। सब अपनी बुद्धि का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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Actor Akhilendra Mishra shares his views on the CAA and NRC protest in Shaheen Bagh delhi
फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र। - फोटो : अमर उजाला
इन फिल्मों में बिखेरी चमक
बेहतरीन अदाकारी और खनकती आवाज के धनी अखिलेंद्र मिश्र ने लगान, दो दूनी चार, झलकी, या रब, रेड्डी, काशी इन सर्च ऑफ गंगा, रामजी लंदनवाले, सरफरोश, अतिथि तुम कब जाओगे, गंगाजल, वीर जारा आदि फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखाया है।
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Actor Akhilendra Mishra shares his views on the CAA and NRC protest in Shaheen Bagh delhi
फिल्म अभिनेता अखिलेंद्र मिश्र और कार्यक्रम में उपस्थित लोग।। - फोटो : अमर उजाला
ऐसे आयोजनों से आएगी सांस्कृतिक चेतना
उन्होंने कहा कि साहित्य महोत्सव, नाट्य, फिल्म और कला महोत्सव सरीखे आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक चेतना लाई जा सकती है। इसलिए ऐसे किसी भी आयोजन का निमंत्रण मिलने पर सहर्ष पहुंच जाता हूं।
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