उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गुरुवार की रात रामपुर बगहा में हुए सड़क हादसे ने देवरिया जिले के रुद्रपुर को गम के आंसुओं में डुबो दिया है। हादसे के शिकार पांच युवकों की मौत हो गई थी। शुक्रवार को एक गाड़ी से रुद्रपुर पहुंचे पांच दोस्तों के पार्थिव शरीर को देखकर लोगों की आंखें छलछला गईं। श्मशान से लेकर कब्रिस्तान तक सन्नाटा पसरा रहा। एक ही समय पांच घरों में चीख-पुकार मच गई। अलग-अलग घरों से चार दोस्तों की अर्थी के साथ अरबाज का जनाजा निकला।
देवरिया: चार दोस्तों की अर्थी के साथ उठा अबरेज का जनाजा, श्मशान से कब्रिस्तान तक पसरा सन्नाटा
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प्यारेलाल, रुद्रेश, जित्तू और अभिषेक की शवयात्रा में नगर के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, पूर्वी तिवारी टोला से निकले अबरेज के जनाजे में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर 18 से 25 वर्ष के बीच चारों दोस्तों का एक साथ दाह संस्कार हुआ तो मोहल्ले के लोगों की आंखें नम हो गईं।
पूर्वी तिवारी टोला वार्ड के रहने वाले रुद्रेश उर्फ सुंदरम और अबरेज उर्फ राज की दोस्ती का मोहल्ला में मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि दोनों में गहरी दोस्ती थी। दोनों एक-दूसरे से मिले बिना रह नहीं सकते थे। अभी कुछ दिन पहले ही दोनों ने अपने व्हाट्सएप आईडी की डीपी बदली थी।
उनकी डीपी पर दोनों की दिलकश अंदाज में फोटो लगा देखकर लोगों के मुंह से आह निकल रही है। मृतकों के घर संवेदना जताने वालों की भीड़ लग रही है। नगर में शनिवार को महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान, प्रत्युष विहार सहित कई संस्थानों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
दीपावली नहीं मनाएंगे रुद्रपुर के लोग
रुद्रपुर नगर के पांच होनहार युवकों की सड़क हादसे में मौत से पूरा क्षेत्र आहत है। नगर के लोगों ने इस हृदयविदारक घटना को लेकर दीपावली त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया है। लोग सोशल मीडिया पर शोक संवेदना पोस्ट कर मातम भरे माहौल में दीपावली नहीं मानने की अपील कर रहे हैं। सत्यप्रकाश गुप्ता, राणा प्रताप सिंह, मदन उपाध्याय आदि ने कहा कि पांच होनहार युवकों को खोकर यह नगर खुशियां कैसे मनाएगा। जिनके घरों के लाडले नहीं हैं उस घर में उजाला कैसे हो सकता है। उन्होंने आम लोगों से मृतकों के नाम पर सिर्फ दीया जलाकर श्रद्धांजलि देने और पटाखे आदि नहीं फोड़ने की अपील की।