Gota Patti Vs Lace: महिलाओं को बहुत अच्छे से पता होता है कि किस कपड़े को कैसे स्टाइल करना है। वो सादे से कपड़ों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ ऐसा ढूंढ ही लेती हैं, जो उनके लुक को पूरी तरह से बदल देता है। खासतौर पर एथनिक आउटफिट में चार चांद लगाने के लिए आपने भी कभी न कभी गोटा पत्ती और लेस का इस्तेमाल किया होगा।
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Gota Patti Vs Lace: लेस और गोटा पत्ती में क्या फर्क है ? खरीदने से पहले जान लें
Wed, 28 May 2025 04:15 PM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Wed, 28 May 2025 04:15 PM IST
सार
Gota Patti Vs Lace: ज्यादातर महिलाएं इस बारे में जानती ही नहीं है कि गोटा पत्ती और लेस दोनों ही अलग-अलग चीजें हैं। आइए आपको भी इसकी जानकारी देते हैं।
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लेस और गोटा पत्ती में क्या फर्क है ?
- फोटो : instagram
कैसे हुई लेस की उत्पत्ति
- फोटो : instagram
कैसे हुई लेस की उत्पत्ति
कपड़ों की खूबसूरती बढ़ाने वाली लेस की उत्पत्ति 16वीं शताब्दी में यूरोप से हुई। उस वक्त इसके दो मुख्य प्रकार, सुई लेस और बॉबिन लेस विकसित हुए, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। शुरुआती दिनों में ये लिनन या रेशम के धागे से बनाई जाती थी, लेकिन आज के समय में इसे बनाने में कॉटन, नेट, नायलॉन, पॉलिएस्टर के धागों का इस्तेमाल भी किया जाता है।
कपड़ों की खूबसूरती बढ़ाने वाली लेस की उत्पत्ति 16वीं शताब्दी में यूरोप से हुई। उस वक्त इसके दो मुख्य प्रकार, सुई लेस और बॉबिन लेस विकसित हुए, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। शुरुआती दिनों में ये लिनन या रेशम के धागे से बनाई जाती थी, लेकिन आज के समय में इसे बनाने में कॉटन, नेट, नायलॉन, पॉलिएस्टर के धागों का इस्तेमाल भी किया जाता है।
कैसी होती है बनावट ?
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कैसी होती है बनावट ?
अब बात करते हैं लेस की बनावट की तो इसकी बनावट काफी जालीदार, मुलायम, हल्की होती है। यही वजह है कि रोजाना पहनने वाले कपड़ों में भी लेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर कुर्ती, गाउन, टॉप, दुपट्टा, साड़ी के बॉर्डर तैयार करने में किया जाता है।
अब बात करते हैं लेस की बनावट की तो इसकी बनावट काफी जालीदार, मुलायम, हल्की होती है। यही वजह है कि रोजाना पहनने वाले कपड़ों में भी लेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर कुर्ती, गाउन, टॉप, दुपट्टा, साड़ी के बॉर्डर तैयार करने में किया जाता है।
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इस्तेमाल का उद्देश्य और कीमत
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इस्तेमाल का उद्देश्य और कीमत
अब जानते हैं कि लेस का इस्तेमाल क्यों होता है और इसकी कीमत क्या रहती है। तो आपको बता दें कि आमतौर पर लेस काफी सस्ती आती है। यही वजह है कि रोजाना पहनने वाले कपड़ों में भी लोग इसे लगा लेते हैं। इसका मुख्य उद्धेश्य कम दाम में कपड़े की खूबसूरती को बढ़ाना रहता है। यदि आपको हल्का और एलिगेंट लुक पसंद है तो अपने कपड़ों में लेस लगवा सकते हैं।
अब जानते हैं कि लेस का इस्तेमाल क्यों होता है और इसकी कीमत क्या रहती है। तो आपको बता दें कि आमतौर पर लेस काफी सस्ती आती है। यही वजह है कि रोजाना पहनने वाले कपड़ों में भी लोग इसे लगा लेते हैं। इसका मुख्य उद्धेश्य कम दाम में कपड़े की खूबसूरती को बढ़ाना रहता है। यदि आपको हल्का और एलिगेंट लुक पसंद है तो अपने कपड़ों में लेस लगवा सकते हैं।
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कैसे हुई गोटा पत्ती की उत्पत्ति
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कैसे हुई गोटा पत्ती की उत्पत्ति
गोटा पत्ती की उत्पत्ति की बात करें तो ये एक पारंपरिक राजस्थानी कला मानी जाती है। शुरुआती समय में कुशल कारीगर महंगी धातु यानी कि सोने और चांदी के तत्वों को कपड़े में कुशलता से बुनते हैं। ये कारीगर अपनी मेहनत के बल से खूबसूरत पैटर्न और डिज़ाइन कपड़ों पर बनाते हैं, जिसे गोटा पत्ती कहा जाता है।
गोटा पत्ती की उत्पत्ति की बात करें तो ये एक पारंपरिक राजस्थानी कला मानी जाती है। शुरुआती समय में कुशल कारीगर महंगी धातु यानी कि सोने और चांदी के तत्वों को कपड़े में कुशलता से बुनते हैं। ये कारीगर अपनी मेहनत के बल से खूबसूरत पैटर्न और डिज़ाइन कपड़ों पर बनाते हैं, जिसे गोटा पत्ती कहा जाता है।