सीमापुरी और गाजीपुर में आईईडी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उससे यह बात पूरी तरह साफ होती जा रही है कि देश को दहलाने की साजिश का कनेक्शन सीमा पार में बैठे आतंकी संगठन व पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी से जुड़ा है।
सूत्रों का कहना है कि गाजीपुर, सीमापुरी, हिमाचल के कुल्लू व पंजाब और जम्मू-कश्मीर में मिले विस्फोटक को किसी एक ही ग्रुप ने प्लान किया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि पंजाब या राजस्थान और कश्मीर के रास्ते सीमापार से आईईडी बनाने का सामान भारत पहुंचा। इसके बाद यहां मौजूद इन संगठन के स्लीपर सेल की मदद से इन सभी आईईडी को प्लान कर देश को दहलाने की कोशिश की गई। माना जा रहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इन संगठनों के स्लीपर सेल मौजूद हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां इनकी पहचान कर इन तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
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IED in Seemapuri
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक एनआईए व दूसरी एजेंसियों ने जो जानकारी साझा की उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गाजीपुर और सीमापुरी में मिली आईईडी तो बिल्कुल एक ही जैसे थी। इसके अलावा 29 जनवरी को कुल्लू में पार्किंग में हुए ब्लास्ट में जो सबूत मिले थे, वह भी इन आईईडी से मेल खा रहे थे।
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IED in Seemapuri
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आईईडी में लगाए मैगनेट और टाइमर की बनावट बिल्कुल एक जैसी थी। इसके अलावा जिस लोहे के बॉक्स में विस्फोटक रखा गया था। वह भी इसी तरह का था। जम्मू कश्मीर व पंजाब में भी ठीक इसी तरह का सामान मिला था।
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IED in Seemapuri
- फोटो : अमर उजाला
इससे लगता है कि सीमापार से ही इस पूरे षडयंत्र की साजिश रची जा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मिले विस्फोटक के बाद खुफिया एजेंसियों ने सभी राज्यों पुलिस को अलर्ट कर अपने इलाकों पर नजर रखने के लिए कहा है।
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डंप डाटा के आधार पर करीब 50 नंबरों की पहचान
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार छानबीन के दौरान पुलिस ने गाजीपुर से सीमापुरी के बीच डंप डाटा के आधार पर करीब 50 मोबाइल नंबरों की पहचान की है।