देश के हर तबके को झकझोर कर रख देने वाले निर्भया गैंगरेप में आज सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। 6 साल पहले जिस मनहूस रात में यह गैंगरेप हुआ था उस समय छह आरोपियों में से एक नाबालिग था। हालांकि वह कुछ ही महीनों बाद 18 साल का होने वाला था लेकिन कोर्ट ने मौजूदा कानून के आधार पर उसे नाबालिग मानते हुए सजा देने की बजाए सुधार गृह में भेजने का फैसला सुनाया।
यही वो केस है जिसके बाद नाबालिगों की उम्र 18 से घटाकर 16 कर दी गई। निर्भया के दोषियों में से यही एक चेहरा है जिसे आज तक देश ने नहीं देखा है। चौंका देने वाली बात ये है कि निर्भया के छह दोषियों में से इसे छोड़ कर सभी को हाईकोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में डाली गई समीक्षा याचिका पर फैसला आ चुका है, जिसमें चारों की फांसी की सजा को बरकरार रखा गया है।
इस मामले में दोषी नाबालिग अब 23 साल का हो गया है और आजाद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो आज क्या है और कहां है। कुछ दिन सुधार गृह में रहने के बाद दिसंबर 2016 में उसे मुक्त कर दिया गया। निर्भया मामले में दोषी नाबालिग दक्षिण भारत में कही कुक का काम कर रहा है। एक एनजीओ के अधिकारी ने बताया कि वह एक नए रूप में आ चुका है और यहां तक की उसने एक नया नाम भी रख लिया है। उसने दिल्ली में प्रेक्षणगृह में खाना पकाने का काम सीखा था।
अधिकारी ने कहा कि हमने उसे राष्ट्रीय राजधानी से बहुत दूर भेज दिया जिससे कि लोग उसका पता न लगा सकें और वह एक नई जिंदगी शुरू कर सके। नाम जाहिर न करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि वह दक्षिण भारत में कही कुक का काम कर रहा है। उसका नियोक्ता उसके वास्तविक नाम के बारे में नहीं जानता और वह उसकी पिछली जिंदगी से भी अवगत नहीं है। अधिकारी ने कहा कि हम उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजते रहते हैं जिससे कि वह किसी की नजर में न आ सके।
मालूम हो कि घटना के समय नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म में शामिल पांचवां व्यक्ति था। खबरों के अनुसार निर्भया के साथ सबसे अधिक क्रूरता इसी नाबालिग ने की थी। एनजीओ अधिकारी के अनुसार उस नाबालिग रहा आरोपी बस ड्राइवर राम सिंह के लिए काम करता था।