अदालत ने पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहने के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मानहानि के केस से आरोपमुक्त कर दिया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि की शिकायत दायर करते हुए दिल्ली पुलिस के सिपाही ने कहा था कि मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी बेहद अपमानजनक है और इससे उसकी मानहानि हुई है, क्योंकि वह दिल्ली पुलिस में सिपाही है। पढ़िए आखिर क्यों केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस को कहा था ठुल्ला जिसकी वजह से काटने पड़े कोर्ट के चक्कर....
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा 2016 में पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहने पर दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल ने मानहानि की याचिका दायर की थी। याची ने आरोप लगाया कि एक साक्षात्कार के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहा, इससे उनकी मानहानि हुई है। गोविंदपुरी थाने में तैनात कांस्टेबल हरविंद्र ने साकेत अदालत में दायर याचिका में कहा कि केजरीवाल की टिप्पणी से वह अपमानित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को नीचा दिखाने के लिए ठुल्ला शब्द का प्रयोग किया है जो आम लोगों की नजर में अपमानजनक है। इस प्रकार की टिप्पणी से आम लोगों, उनके परिवार, रिश्तेदारों व मित्रों की नजर में उसकी प्रतिष्ठा कम हुई है।
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good work by delhi police
सिपाही ने कहा कि केजरीवाल ने जानबूझ कर पूरी दिल्ली पुलिस फोर्स का अपमान करने व उनको उत्तेजित करने के लिए इस प्रकार की टिप्पणी की है। केजरीवाल भारत की राजधानी के मुख्यमंत्री पद पर हैं और यह पद संवैधानिक है। ऐसे में उनके द्वारा इस प्रकार ठुल्ला कहने से आम लोगों की नजर में पुलिस के प्रति गलत प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री द्वारा पुलिसकर्मियों के प्रति इस तरह के अपमानजनक शब्द का उपयोग करना शालीनता की सभी हदें पार कर गया है। उसने पुलिस आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व गोविंदपुरी थाने में 19 जुलाई को इस संबंध में शिकायत भी दी। याची ने कहा कि जब से उसने साक्षात्कार देखा है वह उच्च रक्तचाप और चक्कर से पीड़ित है। उसे मानसिक आघात लगा है। ऐसे में केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए।
अब 2018 में पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने मुख्यमंत्री को राहत देते हुए कहा कि मानहानि की शिकायत करने वाला सिपाही अजय कुमार तनेजा इस मामले में पीड़ित नहीं था। इसलिए उसकी शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने टीवी साक्षात्कार में की गई अपनी टिप्पणी में उसका नाम नहीं लिया था। इसलिए उसका कोई जानकार यह नहीं कह सकता कि यह टिप्पणी उस पर की गई थी। कोर्ट ने तनेजा की शिकायत पर सात मई 2016 को समन जारी कर केजरीवाल को पेश होने का निर्देश दिया था।
शिकायतकर्ता का दावा था कि दिल्ली पुलिस का सिपाही होने के नाते वह मुख्यमंत्री की टिप्पणी से आहत हुआ है। शिकायत में कहा गया था कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार रोकथाम शाखा (एसीबी) के कामकाज में आ रही अड़चनों के संदर्भ में एक टीवी चैनल पर पुलिसकर्मियों के लिए ठुल्ला शब्द का इस्तेमाल किया था। शिकायतकर्ता के वकील एलएन राव ने कहा कि अदालत के फैसले को वह सत्र अदालत में चुनौती देंगे।