इस समय डेंगू का कहर हर जगह है। आए दिन नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। साइबर सिटी में डेंगू अब तेजी से पांव पसार रहा है। बीते पांच दिनों में डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चार नए लोगों में डेंगू की पुष्टि के बाद अब डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। 5 सितंबर को विभाग ने 3 मरीजों में डेंगू की पुष्टि की थी। इनमें से तीन मामले डीएलएफ क्षेत्र के हैं। जिनमें से 11 वर्षीय बच्चा, 24 वर्षीय युवक और 25 वर्षीय युवती शामिल हैं। वहीं सेक्टर-21 निवासी 35 वर्षीय महिला में डेंगू पाया गया है।
हापुड़ जिले में मलेरिया तेजी से फैल रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच के बाद सरकारी लैब ने 120 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि की है। वहीं निजी अस्पतालों में यह आंकड़ा 800 को पार कर चुका है। सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज के इंतजाम पर्याप्त न होने के कारण मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बीते तीन वर्ष से जिले में डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप लोगों की कमर तोड़ रहा था। इस बार अभी डेंगू, चिकनगुनिया का प्रकोप तो नहीं दिख रहा है, लेकिन मलेरिया ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। आलम यह है कि घर-घर में मरीज बुखार से तप रहे हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के पास अब तक बड़ी संख्या में मरीजों को इलाज देने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
ऐसे में अगर पहले ही आपको इसके लक्षण दिख जाएं तो बचाव किया जा सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना, सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ता हो, बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना, गले में हल्का-सा दर्द होना, शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना सभी डेंगू के लक्षण हैं।
वहीं अगर आपको नाक और मसूढ़ों से खून आना, शौच या उलटी में खून आना, स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चिकत्ते पड़ जाना आदि लक्षण दिखते हैं तो लापरवाही बिल्कुल न करें। इससे आपको खतरा हो सकता है। डेंगू में ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से गिरता है जिन्हें अगर रोका न जाए तो जान भी जा सकती है।