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दिल्ली पुलिस का दावा: तिमारपुर में कारोबारी के घर से तीन करोड़ और गहनों की चोरी का मामला सुलझा, कई गिरफ्तार
Fri, 18 Sep 2026 03:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 18 Sep 2026 03:36 AM IST
सार
पुलिस ने नाबालिग समेत दो घरेलू सहायकों और चोरी का सामान रखने के आरोप में मुख्य आरोपी अनिल कामत के ससुर देव चंद्र साह को गिरफ्तार किया है।
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- फोटो : एएनआई
विस्तार
तिमारपुर में एक कारोबारी के घर से तीन करोड़ की नकदी और गहनों की चोरी करने के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने नाबालिग समेत दो घरेलू सहायकों और चोरी का सामान रखने के आरोप में मुख्य आरोपी अनिल कामत के ससुर देव चंद्र साह को गिरफ्तार किया है।
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मुख्य आरोपी ने नेपाल में रेस्तरां खोलने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। मुख्य आरोपी शालीमार बाग में 1.50 करोड़ की चोरी के एक मामले में भी शामिल रहा है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से सोने और हीरे के 117 गहने और 4.34 लाख रुपये, बैग और अन्य सामान बरामद किए हैं। गिरफ्तार मुख्य आरोपी अनिल कामत और उसके ससुर सुपौल, बिहार, जबकि नाबालिग झारखंड के गिरीडीह का रहने वाला है।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि 6 सितंबर को तिमारपुर की मॉल रोड स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले एक कारोबारी के घर चोरी होने की शिकायत मिली। शिकायतकर्ता कारोबारी अंशुल गुप्ता ने बताया कि उनके बड़े भाई अनुज गुप्ता
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अपने परिवार के साथ 2 सितंबर को विदेश घूमने गए हुए थे। 6 सितंबर को उन्हें पहली मंजिल पर चोरी की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि घर से तीन करोड़ के सोने और हीरे के गहने और नकदी चोरी हुई है। उनके बड़े भाई ने पिछले महीने नाबालिग समेत दो घरेलू सहायकों को काम पर रखा था।
पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि नाबालिग समेत दोनों घरेलू सहायक घटना को अंजाम देकर दो बैग लेकर घर से निकले थे। पुलिस आरोपियों के भागने की दिशा में लगे कैमरों की जांच करते हुए मुकरबा चौक तक पहुंची। उसके बाद फुटेज से उनकी गतिविधियों का पता नहीं चला। पुलिस को पता चला कि अनिल कामत बिहार के सुपौल, जबकि नाबालिग झारखंड के गिरिडीह का निवासी है।
अपने घर नहीं पहुंचा था आरोपी
एक टीम को तुरंत बिहार के सुपौल भेजा गया। वहां आरोपी नहीं मिला। इस बीच तकनीकी जांच में नाबालिग के 8 सितंबर को दरभंगा रेलवे स्टेशन से झारखंड अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने का पता चला। एक टीम को दरभंगा रेलवे स्टेशन भेजा गया। वहां दोनों आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। एक टीम को तुरंत झारखंड के गिरिडीह भेजा गया, जहां 10 सितंबर को पुलिस ने नाबालिग को पकड़ लिया। उधर सीसीटीवी जांच में अनिल कामत के बस पकड़कर अपने ससुराल सिमराही जाने का पता चला। पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसके ससुराल में छापा मारा। आरोपी अनिल वहां नहीं मिला। उसके ससुर देव चंद्र साह मिले। पूछताछ में उसने शुरू में सहयोग नहीं किया।
भूसे के ढेर में बैग और नकदी, जमीन के नीचे गहने मिले
पुलिस ने घर की तलाशी ली। एक बिस्तर के नीचे छिपा हुआ एक लाल बैग मिला। तलाशी के दौरान एक कमरे में रखे भूसे के ढेर से चोरी के बैगों में से एक बैग मिला, जिसमें नकदी थी। कड़ाई से पूछताछ में पता चला कि गहनों वाला बैग दूसरे कमरे के फर्श के नीचे ज़मीन में छिपाया गया है। पुलिस टीम ने उस जगह की खुदाई की। ज़मीन के नीचे पांच फीट की गहराई से चोरी के गहनों वाला बैग बरामद हुआ। बैग की जांच में चोरी का सामान बरामद हुआ।
पुलिस ने खंगाली सीसीटीवी फुटेज
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि नाबालिग समेत दोनों घरेलू सहायक घटना को अंजाम देकर दो बैग लेकर घर से निकले थे। पुलिस आरोपियों के भागने की दिशा में लगे कैमरों की जांच करते हुए मुकरबा चौक तक पहुंची। उसके बाद फुटेज से उनकी गतिविधियों का पता नहीं चला। पुलिस को पता चला कि अनिल कामत बिहार के सुपौल, जबकि नाबालिग झारखंड के गिरिडीह का निवासी है।