अगर आपके बच्चे भी कमजोर आइसाइट की शिकायत करते हैं तो इस बात को जरूर ध्यान में रखें..
बच्चों की आंखें कमजोर हैं तो ये ब्रेन ट्यूमर का एक लक्षण भी हो सकता है। मोबाइल, कंप्यूटर और वीडियो गेम्स का इस्तेमाल इन बच्चों को बीमार बनाता चला जा रहा है। अभी तक बच्चों की आंखें कमजोर होने का कारण टीवी, मोबाइल या पढ़ाई को ही माना जाता था, लेकिन अब यदि बच्चों की आंखें कमजोर होती हैं तो उन्हें ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है।
ऐसा कहना है इंडियन सोसायटी ऑफ न्यूरो-ऑनकोलॉजी का, जिसने हाल ही में देश और विदेश में हुई रिसर्च में यह पाया है कि यदि बच्चे की आंखें कमजोर हैं तो यह ब्रेन ट्यूमर का भी लक्षण हो सकता है। देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स के विशेषज्ञ भी कुछ ऐसा ही मानते हैं।
डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरो सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. आशीष सूरी ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर बच्चों में कैंसर के लिए दूसरा सबसे बड़ा कारण है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यदि इसका सही समय पर और सही इलाज करवाया जाए तो इसे खत्म किया जा सकता है। उनका कहना है कि एम्स में 3डी तकनीक से इसका इलाज किया जाता है।
एम्स की डीन रिसर्च प्रोफेसर डॉ. चित्रा सरकार ने बताया कि बच्चों में ट्यूमर को लेकर कुछ स्टडी भी हुई हैं, जिसमें यह पाया गया है कि वह बच्चे जो लगातार 10 साल तक रोज 4 से 6 घंटे तक मोबाइल पर बात करते हैं या मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, उनमें ट्यूमर होने की अधिक संभावना है।